दुष्कर्म, आईटी एक्ट और एससी एसटी एक्ट के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार, वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
वाराणसी के गोमती ज़ोन अंतर्गत थाना जंसा पुलिस ने दुष्कर्म, आईटी एक्ट और एससी एसटी एक्ट से जुड़े गंभीर मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 20 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई, जिसमें पुलिस ने कुरौना अंडरपास के पास से अभियुक्त को दबोच लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में त्वरित हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है।
अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राघवेन्द्र गुप्ता पुत्र नरेश गुप्ता, निवासी ग्राम सिहोरवा, थाना जंसा, जनपद वाराणसी के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 32 वर्ष बताई जा रही है। अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0 0045/2026 के तहत धारा 64(च), 64(ड), 352, 115(2) बीएनएस, धारा 67 आईटी एक्ट तथा धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va), 3(2)(v) एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक थाना जंसा के नेतृत्व में गठित टीम ने अभियुक्त की तलाश करते हुए उसे कुरौना अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नौकरी के बहाने बुलाकर दिया नशीला पदार्थ, फिर किया दुष्कर्म
घटना के विवरण के अनुसार, पीड़िता एक आयुर्वेदिक उत्पाद कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत है और अभियुक्त भी उसी कंपनी में काम करता था। वर्ष 2023 में अभियुक्त ने कंपनी का सामान बेचने के बहाने पीड़िता को चौबेपुर क्षेत्र स्थित एक मकान में बुलाया।
पीड़िता के आरोप के अनुसार, वहां अभियुक्त ने उसे खाने-पीने की वस्तु दी, जिसके बाद उसकी चेतना शून्य हो गई। इसी स्थिति का फायदा उठाकर अभियुक्त ने उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध स्थापित किया।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, बार-बार शोषण और उगाही का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अभियुक्त ने घटना के दौरान उसके वीडियो और फोटो बना लिए थे। बाद में उन्हीं वीडियो और तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया। इस डर का फायदा उठाकर अभियुक्त ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
इतना ही नहीं, पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि अभियुक्त ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और उससे पैसे की मांग कर उगाही भी की। यह मामला न केवल यौन शोषण बल्कि मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का भी गंभीर उदाहरण है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पीड़िता की तहरीर के आधार पर 13 मार्च 2026 को थाना जंसा में मामला दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए।
आखिरकार 20 मार्च 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य नामजद व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि समाज में इस तरह के अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि पीड़ित समय पर आगे आकर शिकायत दर्ज करा सकें और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
पुलिस की अपील और संदेश
वाराणसी पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग या सामाजिक उत्पीड़न के मामलों में चुप न रहें और तत्काल पुलिस को सूचना दें। इससे अपराधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
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