गोरखपुर: बीईओ से अभद्रता के आरोप में शिक्षक महेंद्र पटेल को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब
गोरखपुर में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सबिस्ता परवीन से अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित करने के मामले में सहायक शिक्षक महेंद्र पटेल पर कार्रवाई की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) धीरेंद्र त्रिपाठी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप
जानकारी के अनुसार, आरोपित शिक्षक महेंद्र पटेल पर 15 मार्च को बीईओ के खिलाफ व्हाट्सएप और निजी संदेशों के माध्यम से आपत्तिजनक, भ्रामक और धार्मिक असंतोष फैलाने वाली टिप्पणियां प्रसारित करने का आरोप है। बीईओ सबिस्ता परवीन ने इस संबंध में बीएसए को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थीं अनियमितताएं
बताया गया कि विवाद की शुरुआत 13 मार्च को विद्यालय के निरीक्षण के दौरान हुई थी। निरीक्षण के समय कक्षा छह में कोई शिक्षक पढ़ाते हुए नहीं मिला, जबकि शिक्षक विद्यालय परिसर में उपस्थित थे। वहीं कक्षा सात में शिक्षक श्यामपट्ट पर अस्पष्ट रूप से गणित का कार्य करते पाए गए।
जब बीईओ द्वारा शिक्षण व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए, तो कथित रूप से संबंधित शिक्षक द्वारा असहयोग और अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
छात्र उपस्थिति भी पाई गई कम
निरीक्षण के दौरान कक्षा छह और सात के छात्रों से सामान्य प्रश्न पूछे गए, लेकिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई। कुल 116 नामांकित छात्रों के मुकाबले केवल 28 छात्र ही उपस्थित मिले। इस स्थिति पर भी बीईओ ने नाराजगी जताई थी।
शिकायत के आधार पर जारी हुआ नोटिस
बीईओ सबिस्ता परवीन द्वारा की गई लिखित शिकायत के आधार पर बीएसए कार्यालय ने 18 मार्च को शिक्षक महेंद्र पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि शिक्षक द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षण कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा विभाग में अनुशासन और जिम्मेदारी के सवाल को सामने ला दिया है, जिस पर प्रशासन सख्ती से नजर बनाए हुए है।
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