बक्सर: 104 प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब, राशि खर्च न करने पर शिक्षा विभाग सख्त
बक्सर जिले में शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनुशासनहीनता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित राशि का समय पर उपयोग न करने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) चंदन कुमार द्विवेदी ने 104 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
वित्तीय वर्ष खत्म होने के बावजूद खर्च नहीं हुई राशि
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद कई विद्यालयों में आवंटित धनराशि का उपयोग नहीं किया गया है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता का उदाहरण बताया है।
22 विद्यालयों में एक लाख से अधिक राशि अप्रयुक्त
जांच में सामने आया कि 22 विद्यालय ऐसे हैं, जहां एक लाख रुपये से अधिक की राशि अब तक खर्च नहीं की गई है। यह स्थिति विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है।
24 घंटे में मांगा गया जवाब
शिक्षा विभाग ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वे यह स्पष्ट करें कि राशि का उपयोग क्यों नहीं किया गया और अब तक क्या कार्रवाई की गई।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
डीपीओ चंदन कुमार द्विवेदी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन रोकना सहित अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।
योजनाओं का लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा
विभाग का कहना है कि राशि खर्च न होने के कारण सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ छात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और संबंधित विद्यालयों के जिम्मेदार अधिकारी जवाब तैयार करने में जुट गए हैं।
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