अष्टमी पर वाराणसी में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां दुर्गा के दर्शनों के लिए लंबी कतारें
वाराणसी: चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर अष्टमी के दिन वाराणसी में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जय माता दी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिरों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्रिय नजर आया।
मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व
अष्टमी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां महागौरी का स्वरूप शांत और करुणामयी माना जाता है। उनकी उपासना से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख शांति की प्राप्ति होती है। वाराणसी के दुर्गा कुंड, संकट मोचन क्षेत्र और अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालु फूल, नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर दर्शन के लिए पहुंचे।
मंदिरों में विशेष सजावट और आरती
अष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजन की व्यवस्था की गई थी। मां दुर्गा को लाल और पीले वस्त्रों से सजाया गया और फूलों की आकर्षक सजावट की गई। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष आरती कराई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे दिन मंदिरों में भजन कीर्तन और पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
कन्या पूजन और व्रत की परंपरा
अष्टमी के दिन व्रत और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा के दौरान मां को रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाता है। कई भक्त दिनभर फलाहार करते हैं और शाम को आरती के बाद व्रत खोलते हैं।
कन्या पूजन के दौरान छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें भोजन कराया जाता है। इसके साथ ही उन्हें दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लिया जाता है। धार्मिक जानकारों के अनुसार यह परंपरा नवरात्रि पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
बाजारों में भी दिखी रौनक
अष्टमी के अवसर पर शहर के बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिली। पूजा सामग्री, फल और मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ रही। लोग परिवार के साथ खरीदारी करते नजर आए। पूरा शहर धार्मिक माहौल में रंगा हुआ दिखाई दिया, जहां हर व्यक्ति मां दुर्गा की भक्ति में लीन नजर आया।
आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। दिनभर मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। अष्टमी के इस अवसर ने एक बार फिर वाराणसी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को जीवंत कर दिया, जहां परंपरा और आस्था का गहरा संबंध स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
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