महावीर जयंती पर भी लोहता में खुलीं मांस की दुकानें, प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी। महावीर जयंती के अवसर पर नगर निगम द्वारा जारी बंदी आदेश के बावजूद लोहता क्षेत्र में मीट, मछली और मुर्गे की दुकानें खुली रहने का मामला सामने आया है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि महावीर जयंती के दिन नगर निगम सीमा के अंतर्गत सभी मांस, मछली और मुर्गे की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। इसके बावजूद लोहता नगर निगम क्षेत्र में इन आदेशों का पालन होता नजर नहीं आया।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लोहता क्षेत्र में न केवल महावीर जयंती के दिन दुकानें खुली रहीं, बल्कि नवरात्र के दौरान भी नौ दिनों तक कई जगहों पर मीट की दुकानें संचालित होती रहीं। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कही जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते सख्ती दिखाई जाती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या स्थानीय स्तर पर आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि अष्टमी के दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई थी। इसके बाद लोहता थाना पुलिस ने घमरिया कस्बे में पहुंचकर चार से पांच दुकानों को बंद कराया था।
हालांकि, इसके बाद भी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर बंदी का पालन सुनिश्चित नहीं हो सका। महावीर जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी कई स्थानों पर दुकानें खुली रहने से प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या थाना स्तर पर उच्च अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो पा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आदेशों की अनदेखी जानबूझकर की जा रही है।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
धार्मिक भावनाओं और कानून व्यवस्था का मुद्दा
महावीर जयंती जैन समुदाय का प्रमुख पर्व है, जिसमें अहिंसा और संयम का विशेष महत्व होता है। ऐसे में मांस बिक्री पर प्रतिबंध धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए लागू किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आदेशों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि समाज में शांति और सद्भाव बना रहे।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में भी आदेशों की अनदेखी होती रहेगी और प्रशासन की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा।
फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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