वाराणसी: जलालीपुरा अंडरपास आम जनता के लिए खुला, पांच लाख लोगों को जाम से मिलेगी राहत
वाराणसी में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कज्जाकपुरा रेल ओवरब्रिज के पास स्थित जलालीपुरा रेलवे क्रासिंग संख्या 24 पर बने डबल लेन अंडरपास को अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस अंडरपास के शुरू होने से शहर के लगभग पांच लाख लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
घंटों के जाम से मिलेगी राहत
वाराणसी सिटी और औड़िहार रेलवे स्टेशन के बीच स्थित इस क्रासिंग पर प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। लगातार ट्रेनों के आवागमन के कारण क्रासिंग अक्सर बंद रहती थी, जिससे लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता था। इसका असर न केवल आम जनता की दिनचर्या पर पड़ता था, बल्कि कई बार ट्रेनों के संचालन में भी बाधा उत्पन्न होती थी।
अब जलालीपुरा अंडरपास के खुलने से इस समस्या का स्थायी समाधान मिल गया है। वाहन बिना किसी बाधा के रेलवे लाइन के नीचे से गुजर सकेंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और समय की बचत होगी।
करीब पांच लाख आबादी को सीधा फायदा
इस अंडरपास का लाभ वरुणा पार क्षेत्र के कई इलाकों को मिलेगा। इनमें जलालीपुरा, चुंगी, मड़िया, अमरपुर बटलोहिया, भरवटी, पंचकोसी, नवापुरा, शक्कर तालाब, सरैया, लाटभैरव और शैलपुत्री जैसे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाली लगभग दो लाख की घनी आबादी, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय, को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा पंचक्रोशी, चंद्रा चौमुहानी, कपिलधारा, बलुआ, नक्खीघाट, अशोक विहार और पहड़िया जैसे क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहन भी अब इस अंडरपास का उपयोग कर सकेंगे।
20 करोड़ की लागत से बना डबल लेन अंडरपास
रेलवे द्वारा इस परियोजना के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। करीब एक वर्ष पूर्व शुरू हुआ निर्माण कार्य अब पूरी तरह से पूरा हो चुका है। यह अंडरपास डबल लेन है, जिससे दोनों दिशाओं में वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो सकेगा।
अंडरपास की कुल लंबाई 270 मीटर, चौड़ाई 38 फीट और ऊंचाई 15 फीट रखी गई है। इसके जरिए चार पहिया वाहनों के साथ छोटे मालवाहक वाहन भी आसानी से गुजर सकेंगे।
रेलवे परिचालन में भी आएगी सुगमता
इस अंडरपास के निर्माण से न केवल सड़क यातायात सुगम होगा, बल्कि बनारस रेल मंडल से गुजरने वाली करीब 100 ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा। पहले क्रासिंग पर ट्रैफिक के कारण कई बार ट्रेनों के समय पर असर पड़ता था, लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलेगी।
कज्जाकपुरा आरओबी के बाद भी बनी थी समस्या
हालांकि कज्जाकपुरा रेल ओवरब्रिज पहले से चालू है, लेकिन जलालीपुरा क्रासिंग पर जाम की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई थी। अब इस नए अंडरपास के खुलने से उस समस्या का भी समाधान हो गया है और ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह अंडरपास क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और रोजमर्रा की आवाजाही को काफी आसान बनाएगा।
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