वाराणसी: विकास कार्यों पर नगर आयुक्त का सख्त एक्शन लापरवाही पर दो संस्थाओं पर सात लाख का जुर्माना
वाराणसी: शहर की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वाराणसी नगर निगम इन दिनों सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद मैदान में उतरकर शहर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कार्यों में लापरवाही धीमी प्रगति और निर्माण गुणवत्ता में गंभीर खामियां सामने आईं। स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए दो कार्यदायी संस्थाओं पर कुल सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है।
बड़ा लालपुर में निर्माण गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
निरीक्षण की शुरुआत बड़ा लालपुर क्षेत्र से हुई जहां नगर निगम की ओर से सीनियर केयर सेंटर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से काफी पीछे चल रहा है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
निरीक्षण के दौरान मौके पर उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर नगर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए और कार्यदायी संस्था पर तत्काल प्रभाव से पांच लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक धन से संचालित योजनाओं में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सारनाथ जोन कार्यालय निर्माण की धीमी रफ्तार पर भी कार्रवाई
इसके बाद नगर आयुक्त का निरीक्षण दल पांडेयपुर पंचक्रोशी मार्ग पर निर्माणाधीन सारनाथ जोन कार्यालय पहुंचा। इस परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की गति को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर पहुंचने के बाद निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं।
करीब छह महीने से चल रही परियोजना की स्थिति यह रही कि अब तक केवल बेसमेंट का कुछ हिस्सा ही तैयार हो पाया था। निर्माण कार्य की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर नगर आयुक्त ने अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि आधा वर्ष बीतने के बाद भी कार्य की यह स्थिति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। इसके बाद संबंधित कार्यदायी संस्था पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर सख्त निर्देश
निर्माण कार्यों की समीक्षा के बाद नगर आयुक्त ने क्षेत्र के ड्रेनेज सिस्टम और जलभराव से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। बड़ा लालपुर क्षेत्र के ऐढ़े स्थित लगभग चार दशमलव पांच किलोमीटर लंबे मुख्य कच्चे नाले की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने इस नाले को भविष्य में पक्का बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है और ऐसे में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नालों से पूरी तरह सिल्ट हटाने का कार्य समय रहते पूरा किया जाए।
जलभराव की स्थिति पर तय होगी जिम्मेदारी
इसके बाद पांडेयपुर पंचकोशी मार्ग स्थित नरोखर नाला और पाल बस्ती नाले का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पहली बारिश से पहले सभी प्रमुख नालों की गहराई तक सफाई पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि यदि जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है तो संबंधित जोनल और सफाई अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर आयुक्त के इस औचक निरीक्षण और तत्काल कार्रवाई को नगर निगम की जवाबदेही और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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