सुलतानपुर जेल में बंदी की संदिग्ध मौत: पत्नी की हत्या के आरोपी का शव शौचालय में लटका मिला
सुलतानपुर जिला कारागार में एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पत्नी की हत्या के आरोपी नकछेद कोरी का शव सोमवार रात जेल के शौचालय में प्लास्टिक की पैकिंग पट्टी के सहारे लटका हुआ मिला। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
नकछेद कोरी पत्नी की हत्या के मामले में बैरक संख्या 12 में निरुद्ध था। पत्नी की हत्या के ठीक 13 दिन बाद उसकी भी मौत हो जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
बंदी की मौत के बाद जेल अधीक्षक ने इस मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए मुख्य प्रभारी और सहायक को जिम्मेदार ठहराया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीआईजी जेल अयोध्या को रिपोर्ट भेजी गई है।
जेल अधीक्षक प्रांजिल अरविंद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई डीआईजी स्तर से की जाएगी।
पत्नी की हत्या के आरोप में था बंद
जानकारी के अनुसार, धनपतगंज थाना क्षेत्र के चरथई गांव निवासी नकछेद कोरी ने 24 मार्च को अपनी पत्नी कुसुम की लाठी से पीटकर हत्या कर दी थी। दोनों के बीच फोन न उठाने को लेकर विवाद हुआ था, जो इतना बढ़ गया कि उसने गुस्से में आकर पत्नी पर हमला कर दिया।
हमले में कुसुम गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के चचेरे देवर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नकछेद कोरी को गिरफ्तार कर लिया था।
25 मार्च को अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नकछेद कोरी की मौत के बाद उसके तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। बड़ा बेटा तिलकराज बाहर नौकरी करता है, जबकि नौ वर्षीय उदयभान और आठ वर्षीय बेटी दीक्षा अब असहाय हो गए हैं।
परिवार की इस स्थिति ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्चों की परवरिश को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हैं।
जांच जारी, कई सवाल बाकी
जेल में बंदी की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय है कि बंदी के पास प्लास्टिक की पट्टी कैसे पहुंची और घटना के समय निगरानी क्यों नहीं थी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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