महोबा: छात्रा से मुलाकात के बाद बढ़ीं अजय राय की मुश्किलें, प्रधानमंत्री पर कथित टिप्पणी के मामले में दर्ज हुई एफआईआर, सियासत तेज
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से जुड़ा एक संवेदनशील मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर नई दिशा लेता दिखाई दे रहा है। नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े प्रकरण में पीड़िता से मिलने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अब नए विवाद में घिर गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले ने केवल राजनीतिक बयानबाजी को नहीं बढ़ाया बल्कि वायरल वीडियो, प्रशासनिक अनुमति और कानून व्यवस्था जैसे कई मुद्दों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 0
नीट छात्रा का मामला कैसे पहुंचा राजनीतिक केंद्र में
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद के एक गांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती महोबा में किराये पर रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। बताया गया कि 30 अप्रैल को वह लाइब्रेरी से अपने कमरे लौटते समय अचानक लापता हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और पुलिस की ओर से उसकी तलाश शुरू की गई। करीब 16 दिन बाद पुलिस ने युवती को बरामद किया।
बरामदगी के बाद युवती ने अपहरण, दुष्कर्म और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें युवती कथित तौर पर विवाह करती दिखाई दी। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर नए सवाल उठने लगे और घटनाक्रम ने अलग मोड़ लेना शुरू कर दिया। हालांकि पूरे मामले की जांच और तथ्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी है।
पीड़िता से मिलने पहुंचे अजय राय, लौटते समय शुरू हुआ विवाद
इसी घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय महोबा पहुंचे और छात्रा से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। पीड़िता से मिलने के बाद लौटते समय एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि अजय राय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। 1
हालांकि इस पूरे मामले में अजय राय ने अपनी सफाई भी दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है और उसे कृत्रिम तकनीक यानी एआई के माध्यम से तैयार किया गया है। अजय राय ने दावा किया कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश की जा रही है और वह इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराएंगे। 2
भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
प्रधानमंत्री पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य और अधिवक्ता नीरज रावत ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 22 मई को बिना प्रशासनिक अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शिकायत में कहा गया कि अजय राय करीब पंद्रह से सोलह गाड़ियों के काफिले और कई समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे, जिससे सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई और यातायात प्रभावित हुआ। 3
शिकायत में यह भी कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपे जाने के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
सरकारी कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर तहरीर प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर अजय राय, निवर्तमान प्रदेश सचिव बृजराज सिंह और अन्य समर्थकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी। 4
वायरल वीडियो से गरमाई प्रदेश की राजनीति
इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप और प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री स्तर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया सामने आई है और भाजपा ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जुड़ा विषय बताया है। दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश और तकनीकी छेड़छाड़ का मामला बता रही है। 5
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पुलिस वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्य और शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यह मामला राजनीतिक विवाद से आगे किस दिशा में बढ़ता है।
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