काशी में गंगा की मर्यादा पर उठा बड़ा सवाल, अस्सी घाट पर स्नान के दौरान बीयर पीने का वीडियो वायरल, धार्मिक भावनाओं को लेकर बढ़ा विवाद
वाराणसी: धर्म, आस्था और आध्यात्मिक चेतना की नगरी काशी एक बार फिर ऐसे घटनाक्रम के कारण चर्चा के केंद्र में आ गई है जिसने गंगा घाटों की पवित्रता और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अस्सी घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक युवक द्वारा कथित रूप से बीयर पीने और उसके बाद खाली केन को घाट किनारे फेंकने का मामला सामने आने के बाद संत समाज, तीर्थ पुरोहितों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया और शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
आस्था और अध्यात्म की पहचान मानी जाने वाली काशी में गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक मानी जाती हैं। ऐसे में घाटों पर सामने आने वाली इस प्रकार की घटनाएं स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं को प्रभावित करती हैं। वीडियो सामने आने के बाद शहर में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सुबह के समय घाट पर रिकॉर्ड हुआ पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक गंगा नदी में स्नान करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसके हाथ में बीयर की एक केन भी दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि युवक स्नान के दौरान बीयर पी रहा था और बाद में खाली केन को मोड़कर गंगा तट की ओर फेंक दिया। घाट पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद देखते ही देखते लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई लोगों ने इस घटना को धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए नाराजगी जताई और इसे गंभीर विषय बताया।
वीडियो बनाने वालों ने युवक को बुलाकर जताई आपत्ति
घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले लोगों ने युवक को नदी से बाहर बुलाया और उसके इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। वीडियो में युवक से सवाल किए गए कि वह इतने पवित्र स्थल पर ऐसा कार्य कैसे कर सकता है। लोगों ने कहा कि गंगा घाट केवल पर्यटन का स्थान नहीं बल्कि आस्था और श्रद्धा का केंद्र हैं।
वीडियो में युवक ने अपना नाम संतोष सिंह बताया और खुद को बिहार के रोहतास जिले का निवासी बताया। फटकार के बाद उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और कहा कि उससे गलती हो गई तथा भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा।
शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले के सामने आने के बाद काशी निवासी अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और इस प्रकार की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हो सकती हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपी के बिहार के रोहतास जिले का निवासी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है तथा वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
संत समाज और तीर्थ पुरोहितों ने जताई नाराजगी
घटना को लेकर संत समाज और तीर्थ पुरोहितों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि मां गंगा केवल जलधारा नहीं बल्कि सनातन परंपरा की आस्था और विश्वास का प्रतीक हैं। धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की गतिविधियां केवल मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं को भी प्रभावित करती हैं।
संत समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं तीर्थ पुरोहितों ने घाटों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से बढ़ी चर्चा
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया मंचों पर विभिन्न पक्षों द्वारा इसे लेकर अपनी अपनी राय रखी जा रही है। घटना ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की गरिमा और सार्वजनिक आचरण को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और आगे प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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