मथुरा के वृंदावन में दर्दनाक नाव हादसा यमुना में पलटी श्रद्धालुओं से भरी नाव 10 की मौत 5 लापता
केसी घाट के पास दोपहर में हुआ बड़ा हादसा
मथुरा: जनपद के वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया जब श्रद्धालुओं से भरी एक प्राइवेट नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में अब तक दस लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है जबकि पांच लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग भी इस त्रासदी से गहरे सदमे में हैं।
एक ही परिवार के सात लोगों की मौत
इस हादसे में सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। इनमें मां बेटा चाचा चाची और बुआ फूफा जैसे करीबी रिश्तेदार शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे आघात में डाल दिया है और क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
पंजाब से आए थे श्रद्धालु
प्रशासन के अनुसार नाव में कुल सैंतीस श्रद्धालु सवार थे जो पंजाब से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। यह हादसा दोपहर करीब तीन बजे केसी घाट पर हुआ जो श्रीबांके बिहारी मंदिर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने बचाव में निभाई अहम भूमिका
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों पांटून पुल पर कार्य कर रहे श्रमिकों और आसपास मौजूद लोगों ने बचाव कार्य में तेजी दिखाई। कई श्रद्धालुओं को समय रहते नदी से बाहर निकाल लिया गया लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण कई लोग डूब गए। प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
गहराई और तेज धारा बनी चुनौती
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार घटना स्थल पर पानी की गहराई करीब पच्चीस फीट है जिससे राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाई आ रही है। देर रात तक एनडीआरएफ और अन्य टीमों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया। डूबी हुई नाव को बाहर निकाल लिया गया है और लापता लोगों की तलाश लगातार की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी आई सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता लगभग चालीस यात्रियों की थी लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। नाव पर सवार किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसके अलावा हादसे के समय मौसम भी प्रतिकूल था और तेज हवा चल रही थी जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई घटना की पूरी स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव तट से लगभग पचास फीट दूर नदी के बीच में थी। तेज हवा के कारण नाव डगमगाने लगी और श्रद्धालुओं ने नाविक से नाव रोकने की अपील भी की लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। कुछ ही देर बाद नाव का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।
वीडियो में कैद हुई घटना की भयावहता
इस हादसे से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें से एक घटना से पहले का है जिसमें श्रद्धालु भजन कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। दूसरा वीडियो हादसे के दौरान का बताया जा रहा है जिसमें लोग पानी में डूबते और मदद के लिए पुकारते दिखाई दे रहे हैं। ये दृश्य घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं।
आरोपी नाविक हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी नाविक पप्पू निषाद को घटना के करीब छह घंटे बाद हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि नाव उसी की थी और उसने जुगल घाट से श्रद्धालुओं को बैठाया था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया था जिसे बाद में पकड़ लिया गया।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं और हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता लोगों की तलाश और राहत कार्यों पर केंद्रित है लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर नदी परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही से भी जोड़कर देख रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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