वाराणसी में क्राइम कंट्रोल पर सख्ती फिसड्डी थानाध्यक्ष लाइनहाजिर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिली नई जिम्मेदारी
वाराणसी: कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एक विस्तृत क्राइम मीटिंग आयोजित कर सभी थानाध्यक्षों के कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित मामलों की प्रगति और पुलिसिंग की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की गई वहीं अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई। इसी क्रम में भेलूपुर के एसओ सुधीर कुमार त्रिपाठी और लोहता थानाध्यक्ष राजबहादुर मौर्य को कार्य में ढिलाई और कमजोर प्रदर्शन के चलते तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया गया।
सक्रिय अधिकारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि अब थानों की जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों को दी जाएगी जो जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर अपराध नियंत्रण में ठोस परिणाम देंगे। इसी के तहत निरीक्षक दुर्गा सिंह को भेलूपुर थाना और दिगंबर उपाध्याय को लोहता थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा सधुवन राम को चोलापुर और विकास कुमार मौर्या को कपसेठी थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर किए गए इन बदलावों को जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बीट प्रणाली और डिजिटल निगरानी पर जोर
बैठक में बीट आरक्षियों की भूमिका को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि बीट स्तर पर निगरानी को और प्रभावी बनाया जाए और डिजिटल सिस्टम का अधिकतम उपयोग किया जाए। ई समन प्रणाली के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के साथ यक्ष ऐप के प्रभावी संचालन और आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर लंबित प्रशिक्षण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को हर दो घंटे में पोर्टल की समीक्षा कर समन का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
लंबित विवेचनाओं पर सख्त रुख
पुलिस आयुक्त ने लंबित विवेचनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सामान्य मामलों में 30 दिन और गंभीर मामलों में अधिकतम 45 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए। किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। नियमित समीक्षा के माध्यम से हर प्रकरण की प्रगति पर नजर रखने की भी बात कही गई।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
अपराध नियंत्रण को लेकर गोतस्करी चोरी धोखाधड़ी एनडीपीएस और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई कर अपराधियों पर अंकुश लगाने की रणनीति पर जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यातायात सुधार के लिए तय किए गए लक्ष्य
शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए रेड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन योजना के तहत दस प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने 30 अप्रैल तक ट्रैफिक जाम में 25 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए जनजागरूकता प्रवर्तन इंजीनियरिंग सुधार अतिक्रमण हटाने और ई रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने जैसे उपायों पर काम करने को कहा गया।
महिला सुरक्षा और संवाद पर जोर
महिला अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने और व्यापारियों तथा आम नागरिकों के साथ संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि किसी भी घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
गर्मी के मद्देनजर फायर यूनिट अलर्ट
गर्मी के मौसम को देखते हुए अग्निशमन इकाइयों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। संभावित अग्निकांड की घटनाओं से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने और फायर यूनिट्स को सक्रिय रखने पर बल दिया गया।
सैनिक सम्मेलन में उठाए गए कर्मचारी हित के मुद्दे
बैठक के बाद आयोजित सैनिक सम्मेलन में पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और नई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। एनपीएस आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर संबंधित शाखाओं को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पृष्ठभूमि में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
गौरतलब है कि वाराणसी में बढ़ते शहरी दबाव और अपराध की चुनौतियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन लगातार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर रहा है। हालिया क्राइम मीटिंग में लिए गए फैसले इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि सख्त निगरानी जवाबदेही और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
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