नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री का बड़ा संदेश महिलाओं की आर्थिक भागीदारी ही सशक्त भारत की कुंजी
नई दिल्ली: देश की राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को देश के समग्र विकास का आधार बताते हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति तब तक अधूरी रहती है जब तक उसकी आधी आबादी को समान अवसर और सशक्त भागीदारी नहीं मिलती। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में महिलाओं और बेटियों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की हर योजना में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया है।
हर घर नल से जल और मुफ्त राशन से मिली राहत
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं को रोजमर्रा की कठिनाइयों से मुक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने हर घर नल से जल अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से राहत देना है। इसके साथ ही मुफ्त राशन योजना ने गरीब परिवारों की महिलाओं को घर चलाने की चिंता से काफी हद तक मुक्त किया है जिससे उनके जीवन में स्थिरता आई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से महिलाओं को लाभ
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों को राहत मिली है। इसके साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं जिससे इलाज का खर्च कम हुआ है और आमजन की पहुंच स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ी है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को सशक्त भारत की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समाज में संपत्ति का स्वामित्व पुरुषों के नाम पर केंद्रित रहा है लेकिन अब इस सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर करने की पहल से बीते वर्षों में तीन करोड़ से अधिक महिलाएं अपने घर की मालिक बनी हैं। यह बदलाव महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पहचान और सम्मान को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब बच्चों के स्कूल दस्तावेजों में मां का नाम दर्ज करना सुनिश्चित किया जा रहा है जिससे महिलाओं को सामाजिक पहचान और सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं की भूमिका को मान्यता देने और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने का प्रतीक है।
समान अवसर से ही मजबूत होगा देश
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि महिलाओं के सशक्त होने से ही परिवार समाज और देश मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना है ताकि वे देश की प्रगति में बराबरी से भागीदारी निभा सकें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकें।
पृष्ठभूमि में महिला सशक्तिकरण की नीति
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं लागू की गई हैं जिनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सामाजिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत बनाना है। इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को न केवल लाभार्थी बनाया जा रहा है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
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