नई दिल्ली/श्रीनगर: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर सेना का शक्ति प्रदर्शन ऑपरेशन सिंदूर की निर्णायक कार्रवाई का संदेश आतंक के खिलाफ भारत का अडिग संकल्प
नई दिल्ली/श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की बल्कि अपनी सैन्य क्षमता और सतर्कता का सशक्त प्रदर्शन भी किया। इस अवसर पर वायु रक्षा रेजिमेंट द्वारा एल सत्तर वायु रक्षा तोपों का प्रदर्शन किया गया जो आधुनिक युद्धक्षेत्र में दुश्मन के ड्रोन और हवाई खतरों से निपटने में अपनी प्रभावशीलता के लिए जानी जाती हैं। सेना ने स्पष्ट संकेत दिया कि देश की सुरक्षा के प्रति उसकी तैयारी हर परिस्थिति में अडिग और सटीक है।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाली प्रणालियों का प्रदर्शन
इस प्रदर्शन में उन हथियार प्रणालियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एल सत्तर तोपों ने दुश्मन के ड्रोन हमलों को विफल करने में प्रभावी योगदान दिया और भारत की वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत किया। इसके साथ ही सेना ने उन्नत ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए यह भी दिखाया कि आधुनिक युद्ध में भारत तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम है।
मानवरहित हवाई प्रणालियों की क्षमता का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान मानवरहित हवाई प्रणालियों का उपयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। सेना के मानवरहित हवाई दस्तों ने दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भूभाग में निगरानी लक्ष्य निर्धारण और रियल टाइम खुफिया जानकारी जुटाने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। यह दर्शाता है कि भारतीय सेना पारंपरिक युद्धक क्षमता के साथ साथ आधुनिक तकनीक से भी लैस है।
जल अभियानों में रणनीतिक दक्षता
जल अभियानों में भी सेना की रणनीतिक दक्षता स्पष्ट रूप से सामने आई। विशेष युद्ध समूहों ने फुर्तीली हमलावर नौकाओं के माध्यम से उथले पानी में तेज गति से संचालन करते हुए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। यह अभ्यास इस बात का प्रमाण था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने जमीन के साथ साथ जल क्षेत्र में भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। इन अभियानों में इस्तेमाल किए गए पोत उच्च स्तर की तत्परता के साथ तैनात थे जो सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी शत्रु गतिविधि को रोकने में सक्षम हैं।
आतंकवाद के खिलाफ अडिग संकल्प
पहलगाम हमले की बरसी पर सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत अपनी निर्णायक कार्रवाई को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को दोहराया। सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत के विरुद्ध कृत्यों का जवाब निश्चित है और न्याय हमेशा मिलेगा। इस संदेश के साथ साझा की गई प्रतीकात्मक छवि में यह संकेत दिया गया कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है जो आतंक के खिलाफ जारी संघर्ष को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले में जान गंवाने वाले छब्बीस निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देश उन लोगों को कभी नहीं भूलेगा जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि पूरा राष्ट्र दुख और संकल्प में एकजुट है और भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने कभी नहीं झुकेगा।
पहलगाम हमला और उसके बाद की कार्रवाई
एक वर्ष पहले हुआ पहलगाम हमला देश के लिए गहरे आघात का कारण बना था। यह हमला जम्मू कश्मीर के एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर हुआ जहां आतंकियों ने एक गांव में घुसकर छब्बीस नागरिकों की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया था।
इस हमले के जवाब में भारत ने सात मई दो हजार पच्चीस को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जिसका उद्देश्य सीमा पार सक्रिय आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना था। भारतीय सशस्त्र बलों ने कई आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई करते हुए उनकी परिचालन क्षमता को नुकसान पहुंचाया।
तनाव और युद्धविराम
भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कदम उठाए गए और दोनों देशों के बीच कुछ दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि भारतीय सेना ने हर चुनौती का प्रभावी जवाब दिया। अंततः दस मई को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति बनी जिससे स्थिति सामान्य हुई।
सुरक्षा और संप्रभुता का स्पष्ट संदेश
पहलगाम हमले की पहली बरसी पर आयोजित यह सैन्य प्रदर्शन केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति पूरी तरह सजग है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश ने यह दिखा दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति स्पष्ट कठोर और निर्णायक है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हर खतरे का अंत नहीं हो जाता।
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