वाराणसी में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल, उपभोक्ता परेशान, 10 हजार से 50 हजार तक पहुंच रहे बिल
वाराणसी में प्रीपेड स्मार्ट विद्युत मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को भारी बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले मासिक बिजली बिल 800 से 1500 रुपये के बीच आता था, वहीं अब कई उपभोक्ताओं के बिल अचानक 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। इस अप्रत्याशित वृद्धि से लोग न सिर्फ आर्थिक रूप से परेशान हैं बल्कि समय पर भुगतान न होने पर बिजली आपूर्ति भी स्वतः बाधित हो रही है, जिससे गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है।
उपभोक्ता उपकेंद्र के चक्कर लगाने को मजबूर
बढ़े हुए बिलों की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में उपभोक्ता बड़ा लालपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पहुंच रहे हैं। सुबह से शाम तक लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं किया जा रहा।
सरसौली क्षेत्र में सामने आए कई मामले
सरसौली क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिजली बिल भेजे गए हैं।
स्थानीय निवासी बुच्चन देवी ने बताया कि उनका बिजली बिल पहले 900 से 1500 रुपये के बीच आता था, जबकि अधिक खपत होने पर यह 3000 रुपये तक पहुंचता था। 18 फरवरी 2026 को उनके घर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया गया। 1 मार्च को बिजली विभाग द्वारा उन्हें बताया गया कि उनके खाते में 5217 रुपये एडवांस है। लेकिन 9 अप्रैल को अचानक उनके मोबाइल पर 50,968 रुपये बकाया का संदेश आया और 10 अप्रैल को बिजली काट दी गई। उन्होंने बताया कि घर में एसी भी नहीं है, फिर भी इतना बड़ा बिल समझ से परे है। वे हृदय रोग से पीड़ित हैं, जिससे बिजली कटौती ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
उनके पुत्र आदर्श गुप्ता ने बताया कि जब वह बड़ा लालपुर उपकेंद्र पहुंचे तो अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पहले पूरा बकाया जमा करना होगा, तभी बिजली बहाल की जाएगी।
सब्जी विक्रेता पर भी पड़ा भारी बिल
इसी क्षेत्र के निवासी और सब्जी विक्रेता मुन्ना सोनकर ने बताया कि उनके पिता के नाम पर बिजली कनेक्शन है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक 2423 रुपये का बकाया रह गया था। 18 फरवरी को उनके घर स्मार्ट मीटर लगाया गया और 9 अप्रैल को नया बिल निकलवाने पर यह बढ़कर 54,950 रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर सब्जी बेचकर इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है।
कम खपत के बावजूद आया 10 हजार से अधिक बिल
सरसौली की ही निवासी पूनम सोनकर ने बताया कि वह एक छोटे से कमरे में अपने भाई के साथ रहती हैं। घर में केवल पंखा, बल्ब और गर्मी में कूलर का उपयोग होता है। 24 फरवरी को उन्होंने 978 रुपये का बकाया बिल जमा किया था और 25 फरवरी को स्मार्ट मीटर लगाया गया। इसके बावजूद 30 मार्च को उन्हें 10,571 रुपये का बिल प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है, ऐसे में इतना बड़ा बिल चिंता का कारण बन गया है।
क्या कहता है बिजली विभाग
बड़ा लालपुर विद्युत उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी विनीत कुमार शुक्ला के अनुसार, पुराने मीटर लंबे समय तक नॉन-कम्युनिकेशन में रहने के कारण कई उपभोक्ताओं की स्टोर रीडिंग लंबित थी। जब नए स्मार्ट मीटर से बिलिंग शुरू हुई, तो वह पुरानी रीडिंग भी जोड़ दी गई, जिससे बिल अचानक अधिक दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस नेगेटिव हो जाता है, तो प्रीपेड प्रणाली के तहत बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। इससे बचने के लिए उपभोक्ताओं को अपने खाते का बैलेंस नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए।
उपभोक्ताओं को दी गई यह सलाह
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विभाग के मोबाइल एप डाउनलोड करें, जिससे उन्हें अपने खाते का बैलेंस, खपत और बिल की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे।
इसके लिए उपभोक्ता “यूपीपीसीएल कंज्यूमर एप”, “यूपीपीसीएल स्मार्ट कंज्यूमर एप” और “ऊर्जावान एप” का उपयोग कर सकते हैं। विभाग का दावा है कि उपकेंद्र पर आने वाले उपभोक्ताओं को इन एप्स के माध्यम से जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में किसी असुविधा से बच सकें।
गर्मी में बढ़ी परेशानी, समाधान की मांग
गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती जरूरत के बीच अचानक आए भारी बिलों और बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। लोग अब इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके और स्मार्ट मीटर प्रणाली पर उनका भरोसा बना रहे।
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