वाराणसी में देह व्यापार पर फिर सवाल पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के बावजूद सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़
वाराणसी: कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों के बावजूद शहर में अवैध देह व्यापार का नेटवर्क सक्रिय पाए जाने से स्थानीय तंत्र की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। ताजा मामला चितईपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके का है जहां विशेष अभियान समूह की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एक संगठित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार आम नागरिकों ने पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी संवाद नंबर पर सुंदरपुर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सन फ्लावर एकेडमी के पास स्थित एक मकान में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम ने गुप्त निगरानी शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई।
छापेमारी में छह लोग गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दीपक सिंह के मकान से चार युवकों और दो युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में कंडोम और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई जो इस बात की ओर संकेत करती है कि वहां व्यवस्थित रूप से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र पर सवाल
इस पूरे मामले ने स्थानीय खुफिया इकाई और बीट पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं वहां स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी न होना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है। यह भी चर्चा में है कि कहीं यह लापरवाही है या जानबूझकर अनदेखी की गई।
जांच में कई पहलुओं पर फोकस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि मकान मालिक की इस पूरे नेटवर्क में क्या भूमिका थी और क्या वह इस गतिविधि से अवगत था। यदि उसकी संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नेटवर्क के विस्तार की जांच
सूत्रों के अनुसार यह रैकेट काफी समय से सक्रिय था और इसमें बाहरी जिलों के लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित ठिकानों और व्यक्तियों की पहचान करने में जुट गई है। इसके साथ ही शहर में अन्य संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच तेज कर दी गई है।
प्रशासन के लिए चुनौती
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि जब उच्च स्तर से लगातार निगरानी और सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं तो जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव क्यों नहीं दिख रहा। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि वह अपनी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाए और इस तरह की अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से अंकुश लगाए।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद यदि निरंतर निगरानी और सख्ती जारी रखी गई तो शहर में इस प्रकार के अवैध कारोबार को नियंत्रित किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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