महान पार्श्व गायिका आशा भोसले की अस्थियां वाराणसी में गंगा में विसर्जित
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले की अस्थियां सोमवार को वाराणसी में पवित्र गंगा नदी में विधि-विधान से विसर्जित की गईं। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भावुक नजर आए।
असि घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
मुंबई से उनके पुत्र आनंद भोसले और पौत्री जनाई भोसले अस्थि कलश लेकर वाराणसी पहुंचे। उन्होंने असि घाट पर पुरोहितों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया। इसके बाद नाव के माध्यम से गंगा के मध्य भाग में जाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अस्थियों का विसर्जन किया गया।
पौत्री ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
अस्थि विसर्जन के दौरान जनाई भोसले बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने अश्रुपूरित नेत्रों से अपनी दादी को अंतिम विदाई दी। घाट पर पिंडदान और तर्पण की प्रक्रिया भी विधि-विधान से पूरी कराई गई।
काशी में विसर्जन की थी अंतिम इच्छा
परिजनों के अनुसार, आशा भोसले ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में काशी में अस्थि विसर्जन की इच्छा जताई थी। उनके पुत्र आनंद भोसले ने बताया कि उनका भगवान शिव से गहरा लगाव था और उसी भावना के साथ परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा किया।
12 अप्रैल को हुआ था निधन
आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।
जनाई भोसले ने साझा किया भावुक संदेश
निधन के बाद जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपनी दादी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया। उन्होंने लिखा कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी बातें किससे साझा करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी दादी सिर्फ एक महान कलाकार ही नहीं, बल्कि उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थीं।
अस्थि विसर्जन के बाद परिवार के सदस्य मुंबई लौट गए। काशी में गंगा तट पर हुआ यह अनुष्ठान एक महान कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि देने का प्रतीक बन गया।
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