बांसडीह में पुलिस मुठभेड़, 25 हजार रुपये का इनामी गोवंश तस्कर बबलू नट गिरफ्तार
हुसैनाबाद मोड़ पर देर रात संयुक्त कार्रवाई, दाहिने पैर में गोली लगने के बाद दबोचा गया आरोपी
बलिया। जनपद में अपराधियों और संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बांसडीह पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। रविवार देर रात हुसैनाबाद मोड़ के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार रुपये के इनामी और हिस्ट्रीशीटर गोवंशीय पशु तस्कर बबलू नट को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल बलिया में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में बांसडीह पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम रविवार रात हुसैनाबाद मोड़ पर वाहनों की जांच कर रही थी। रात करीब 11 बजकर 42 मिनट पर एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया।
रोकने पर भागने की कोशिश, पुलिस पर झोंकी गोली
पुलिस को देखते ही संदिग्ध बाइक सवार ने भागने की कोशिश की। तेज रफ्तार में बाइक मोड़ते समय वह फिसल गई और आरोपी गिर पड़ा। खुद को चारों ओर से घिरता देख उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से आरोपी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
पुलिस टीम ने तत्काल उसे काबू में लेकर हथियार छीन लिया और प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा। पूछताछ में उसकी पहचान ग्राम आदर गांव, थाना बांसडीह निवासी बबलू नट के रूप में हुई, जो लंबे समय से गोवंश तस्करी के मामलों में वांछित चल रहा था।
अवैध हथियार और बाइक बरामद
मौके से पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी क्षेत्र का सक्रिय अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
आठ फरवरी की घटना के बाद घोषित हुआ था इनाम
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आठ फरवरी को गोवंश तस्करी के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के एक साथी को गिरफ्तार किया था, जबकि बबलू नट मौके से फरार हो गया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से गोवंशीय पशुओं की तस्करी में संलिप्त था और विभिन्न मार्गों का उपयोग कर पुलिस से बचने की कोशिश करता रहा। पुलिस उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस सख्त
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल घायल आरोपी का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक इतिहास और तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
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