बलिया रेलवे स्टेशन पर 474 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, जयनगर क्लोन एक्सप्रेस से बिहार भेजी जा रही थी खेप
बलिया रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ, जब गोरखपुर की सीआईबी टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में लावारिस अंग्रेजी शराब बरामद की। यह कार्रवाई प्लेटफार्म पर खड़ी जयनगर क्लोन एक्सप्रेस ट्रेन में की गई। बरामद शराब की खेप बिहार भेजे जाने की तैयारी में थी।
फुट ओवर ब्रिज के पास से की गई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार दोपहर करीब दो बजे, जब स्टेशन पर यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ थी, उसी समय सीआईबी गोरखपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से फुट ओवर ब्रिज के पास से कार्रवाई शुरू की। टीम ने प्लेटफार्म पर खड़ी जयनगर क्लोन एक्सप्रेस की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 16 पिठू बैग, छह ट्रॉली बैग, दो प्लास्टिक बोरियां और दो गत्ते के डिब्बों में भरी अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
जब बैगों को खोला गया तो उनमें विभिन्न ब्रांडों की महंगी अंग्रेजी शराब पाई गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 474.84 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग पांच लाख रुपये आंकी जा रही है।
होली के मद्देनजर बिहार भेजी जा रही थी शराब
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप आगामी होली त्योहार को ध्यान में रखते हुए बिहार में खपाने के लिए भेजी जा रही थी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण त्योहारों के समय तस्करी के प्रयास बढ़ जाते हैं। तस्कर ट्रेन मार्ग का इस्तेमाल कर खेप को गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
सीआईबी टीम की इस कार्रवाई से तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हलचल मच गई है। हालांकि मौके से कोई तस्कर गिरफ्तार नहीं हो सका। बरामद सभी बैग लावारिस हालत में मिले।
स्थानीय जीआरपी और आरपीएफ की भूमिका पर सवाल
इस घटना ने स्थानीय जीआरपी और आरपीएफ की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस प्लेटफार्म पर चौबीसों घंटे सुरक्षा बलों की तैनाती का दावा किया जाता है, वहां इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप पहुंच जाना और बाहरी टीम द्वारा उसका खुलासा किया जाना कई सवाल छोड़ता है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार बलिया छपरा रेलखंड लंबे समय से तस्करों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्ग माना जाता रहा है। त्योहारों के समय इस मार्ग पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई जाती रही है।
आगे की जांच जारी
सीआईबी टीम ने बरामद शराब को जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि खेप किसके माध्यम से भेजी जा रही थी और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है। सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों की जानकारी के आधार पर संभावित संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
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