बेंगलुरु: नामचीन रियल एस्टेट कारोबारी और कॉन्फिडेंट ग्रुप के मालिक सीजे राय की मौत ने कारोबारी जगत से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में गहरी हलचल मचा दी है। आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर मानसिक दबाव में आकर सीजे राय ने खुद को गोली मार ली। घटना उस समय हुई जब आयकर विभाग की टीम उनके आवास और कार्यालय सहित कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई कर रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, सीजे राय हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे और बेंगलुरु के रियल एस्टेट सेक्टर में उनकी पहचान एक बड़े टर्नओवर वाले डेवलपर के रूप में थी। आयकर विभाग को उनके कारोबारी लेन-देन में कथित टैक्स चोरी की शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर विभाग ने नियमानुसार छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि जांच टीम के पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और इसी दौरान यह दुखद घटना घटित हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के समय सीजे राय ने आयकर अधिकारियों के सामने ही अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से स्वयं को गोली मार ली। तत्काल उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और किसी भी तरह का दबाव या अवैध कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय स्तर पर घटना को लेकर आंतरिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जबकि पुलिस ने भी स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि की गई है, हालांकि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
सीजे राय की मौत के बाद कॉन्फिडेंट ग्रुप के कर्मचारियों, निवेशकों और रियल एस्टेट बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। कंपनी की परियोजनाओं और वित्तीय गतिविधियों पर आगे क्या असर पड़ेगा, इस पर भी नजर रखी जा रही है। उद्योग से जुड़े कई लोगों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कानूनी जांच का सामना करते समय मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बड़े कारोबारी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान किस तरह के दबाव से गुजरते हैं और ऐसे हालात में संस्थागत सहयोग की क्या भूमिका होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
