लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास इंग्लैंड को 270 रन से हराकर दर्ज की ऐतिहासिक टेस्ट जीत
लंदन: ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने प्रदर्शन से नया इतिहास रच दिया। एक सौ बयालिस वर्ष पुराने इस प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार आयोजित महिला टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर यादगार जीत दर्ज की। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में शानदार खेल दिखाया और पूरे मुकाबले के दौरान मेजबान टीम पर अपना दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ भारत ने केवल मैच ही नहीं जीता बल्कि लॉर्ड्स के इतिहास में महिला टेस्ट की पहली विजेता टीम बनने का गौरव भी अपने नाम कर लिया।
पहली पारी में बनाई मजबूत बढ़त
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। शीर्ष क्रम की बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने उपयोगी पारी खेली जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने भी महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए संघर्ष करना पड़ा।
जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। पहली पारी के आधार पर भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली जिसने मुकाबले में निर्णायक भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने बढ़ाया दबाव
दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी की लय को बरकरार रखा। यास्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर लॉर्ड्स में महिला टेस्ट इतिहास का पहला शतक अपने नाम किया। उनके अलावा स्मृति मंधाना और ऋचा घोष ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। भारतीय टीम ने सात विकेट पर 341 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 457 रन का कठिन लक्ष्य रखा।
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने लगातार संघर्ष करती रही। स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी सधी हुई गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड को 186 रन पर समेट दिया। इसके साथ ही भारत ने 270 रन से शानदार जीत अपने नाम कर ली।
भारतीय महिला क्रिकेट की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत
रनों के अंतर के लिहाज से यह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टेस्ट इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले वर्ष 2023 में भारत ने इंग्लैंड को ही 347 रन से हराया था। इस नई सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारतीय महिला टीम विदेशी परिस्थितियों में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है और बड़े मुकाबलों में दबाव को अच्छी तरह संभालने की क्षमता रखती है।
इंग्लैंड की धरती पर कायम रहा अजेय रिकॉर्ड
इस जीत के साथ इंग्लैंड में भारतीय महिला टीम का शानदार रिकॉर्ड भी बरकरार रहा। भारत ने अब तक इंग्लैंड की धरती पर कुल 11 महिला टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें तीन मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि आठ मैच ड्रॉ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला टीम को आज तक इंग्लैंड में खेले गए किसी भी टेस्ट मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है। यह आंकड़ा विदेशी परिस्थितियों में भारतीय टीम की निरंतर मजबूती को दर्शाता है।
हरमनप्रीत कौर ने टीम के सामूहिक प्रदर्शन को दिया श्रेय
जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि यह सफलता पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बल्लेबाजों गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों के संतुलित प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे मैच में अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। उन्होंने सहयोगी स्टाफ और टीम प्रबंधन के योगदान की भी प्रशंसा की।
महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
लॉर्ड्स जैसे विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट मैदान पर पहली महिला टेस्ट जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों की महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में जिस संतुलन और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया उसने स्पष्ट कर दिया कि महिला क्रिकेट में भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है।
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