दारोगा अजय गौड़ की रहस्यमय मौत में अहम सुराग, हिस्ट्रीशीटर चोर की पहचान से जांच नई दिशा में
बस्ती जिले में दारोगा अजय गौड़ की रहस्यमय मौत का मामला पिछले एक पखवारे से पुलिस महकमे और आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस प्रकरण में विशेष जांच टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर चोर की पहचान की है, जिस पर दारोगा की बाइक चोरी करने और उनके मोबाइल फोन गिरवी रखने का आरोप है।
पांच फरवरी को लापता, आठ फरवरी को मिला शव
देवरिया कोतवाली क्षेत्र के मूड़ाडीहा निवासी दारोगा अजय गौड़ पांच फरवरी को लापता हो गए थे। उनकी तलाश के बाद आठ फरवरी की रात सरयू नदी के किनारे उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। घटना के बाद से ही विभाग में हड़कंप मच गया था और मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी।
शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझा हुआ था। स्वजन ने भी कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की थी। इसी के मद्देनजर पुलिस ने तकनीकी और मैदानी दोनों स्तरों पर जांच तेज कर दी।
हिस्ट्रीशीटर चोर तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस टीम लालगंज थाना क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर चोर तक पहुंची है। आरोप है कि उसी ने अयोध्या पुल के पास से दारोगा की बाइक चोरी की थी। इसके अलावा दारोगा के दोनों मोबाइल फोन संतकबीर नगर की दो महिलाओं के पास गिरवी रखे गए थे। पुलिस ने मोबाइल ट्रेस कर संतकबीर नगर पहुंचकर इस कड़ी का खुलासा किया।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके पास से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
लोकेशन और कॉल डिटेल की मैपिंग
विशेष जांच टीम ने घटना के समय दारोगा अजय गौड़ की मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया है। साथ ही उस समय आसपास मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की लोकेशन और कॉल डिटेल की भी मैपिंग की गई है। पुलिस का कहना है कि पिछले 24 घंटों में एक ठोस थ्योरी तैयार की गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
तकनीकी साक्ष्यों के साथ साथ घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से भी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस टीम मामले की प्रत्येक कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी आपराधिक साजिश का हाथ है।
जल्द हो सकता है खुलासा
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और जल्द ही इसका खुलासा किया जा सकता है। हिस्ट्रीशीटर चोर की भूमिका, बाइक चोरी और मोबाइल गिरवी रखने की कड़ी को जांच की मुख्य धुरी माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सभी पहलुओं पर गहन पड़ताल की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। मामले के अंतिम निष्कर्ष के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
दारोगा अजय गौड़ की मौत से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस महकमा और आमजन दोनों ही अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। जांच टीम का दावा है कि जल्द ही इस रहस्यमय मौत की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
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