बिजली बिल राहत योजना में लापरवाही पर सख्ती, देवीपाटन मंडल में चार एसडीओ को नोटिस, 15 अवर अभियंताओं को चेतावनी
देवीपाटन मंडल में बिजली बिल राहत योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आने पर विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता बिजली देवीपाटन मंडल यदुनाथ यथार्थ ने समीक्षा के बाद चार उपखंड अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है, जबकि 15 अवर अभियंताओं को चेतावनी दी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना के प्रचार प्रसार और घर घर संपर्क अभियान में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण यह कदम उठाया गया।
प्रचार अभियान में ढिलाई पर कार्रवाई
बिजली बिल राहत योजना के तहत बकाया उपभोक्ताओं को राहत देने और राजस्व वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई क्षेत्रों में योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचाई गई। घर घर संपर्क, कैंप आयोजन और प्रचार सामग्री के वितरण में भी कमी पाई गई। इसी आधार पर चार उपखंड अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया।
दो एसडीओ को निंदा प्रविष्टि
उपखंड अधिकारी तरबगंज द्वितीय मुकेश कुमार और रेहरा के एसडीओ शिवकुमार वर्मा को निंदा प्रविष्टि दी गई है। विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक टिप्पणी माना है। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर और कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
नियम 10 का नोटिस, पांच दिन में जवाब
गिलौला के एसडीओ प्रवेंद्र सिंह और मोतीगंज के उपखंड अधिकारी को नियम 10 के तहत नोटिस जारी किया गया है। उन्हें पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
15 अवर अभियंताओं को अंतिम चेतावनी
समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में अवर अभियंताओं ने राजस्व वसूली और उपभोक्ता संपर्क में अपेक्षित प्रयास नहीं किए। इसके चलते 15 अवर अभियंताओं को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने उन्हें योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति के लिए सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
1482 बिजली कनेक्शन काटे गए
इधर बकायादार उपभोक्ताओं के खिलाफ भी विभाग ने सख्ती दिखाई है। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में कुल 1482 बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। जिन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बकाया है और नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, उनके विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।
आरसी भेजने की तैयारी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बकाया राशि की वसूली के लिए राजस्व वसूली प्रमाण पत्र भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। संबंधित मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि सरकारी राजस्व की वसूली सुनिश्चित हो सके।
मुख्य अभियंता का सख्त संदेश
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल राहत योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुविधा देना और विभाग की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए नियमित समीक्षा, क्षेत्रीय दौरे और उपभोक्ता संवाद को प्राथमिकता दें।
देवीपाटन मंडल में की गई यह कार्रवाई विभागीय जवाबदेही को रेखांकित करती है। अधिकारियों का मानना है कि इससे योजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और राजस्व वसूली में सुधार होगा।
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