एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला नगला प्रेमी सोमवार को उस वक्त सन्नाटे और दहशत में डूब गया, जब दिनदहाड़े एक घर में घुसकर एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड में पति, पत्नी, पुत्रवधू और नातिन की जान चली गई। वारदात का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि कक्षा पांच में पढ़ने वाला लगभग 12 वर्षीय मासूम देवांश, स्कूल से लौटने के बाद अपने ही घर में खून से सना यह भयावह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया। वह हंसी-खुशी स्कूल से लौटा था, लेकिन दरवाजा खोलते ही उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी।
देवांश सुनहरी नगर स्थित कलावती सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में कक्षा पांच का छात्र है। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को वह रोज की तरह सुबह स्कूल गया। दोपहर करीब दो बजे छुट्टी होने के बाद वह सीधे अपने घर पहुंचा। देवांश के मुताबिक, गेट खोलकर जैसे ही वह अंदर गया, उसने देखा कि बाबा नीचे वाले कमरे में लेटे हुए हैं। उसने अम्मा, दीदी और मम्मी को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर के कमरे से पंखे की घर्र-घर्र की आवाज आ रही थी। ठंड के मौसम में पंखा चलता देखकर उसे अजीब लगा और वह ऊपर देखने चला गया। जैसे ही उसने कमरे में कदम रखा, वहां का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।
मासूम देवांश ने बताया कि नीचे अम्मा और दीदी लेटी थीं, जबकि मम्मी बेड पर पड़ी थीं। तीनों के शरीर खून से लथपथ थे और पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। सभी को ईंट से कुचलकर मारा गया था। डर और सदमे की हालत में देवांश यह भी नहीं समझ सका कि उसके बाबा की भी हत्या हो चुकी है। घबराकर वह बदहवास हालत में बाहर निकला और ठीक सामने रहने वाले जसवीर सिंह के घर पहुंचा। वहां जसवीर सिंह की पत्नी अनीता को उसने पूरी बात बताई। अनीता के फोन करने पर जसवीर सिंह जसराना से तुरंत लौटे, लेकिन तब तक मोहल्ले में भीड़, पुलिस और मातमी सन्नाटा छा चुका था।
बताया गया कि घर और परिवार की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही थी। देवांश के अनुसार, उसके बाबा अक्सर बीमार रहते थे और दादी भी बुजुर्ग थीं। बच्चों का आना-जाना लगा रहता था, इसी कारण मेन गेट का छोटा हिस्सा अक्सर खुला छोड़ा जाता था। बाहर जाते समय केवल कुंडी लगाकर चला जाता था और लौटने पर वही कुंडी खोलकर घर में प्रवेश किया जाता था। इसी खुली व्यवस्था का फायदा उठाकर हत्यारे घर में दाखिल हुए और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला।
मोहल्ला नगला प्रेमी निवासी 75 वर्षीय गंगा सिंह के घर सोमवार को यह जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में गंगा सिंह, उनकी 70 वर्षीय पत्नी श्यामा देवी, 42 वर्षीय पुत्रवधू रत्ना और 20 वर्षीय नातिन ज्योति की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बेड और फर्श पर खून से सने शव पड़े थे। श्यामा देवी का सिर बुरी तरह फटा हुआ था, जबकि अन्य शवों पर भी गंभीर चोटों के निशान थे। दिनदहाड़े चार लोगों की हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी जांच के लिए बुलाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता पांडे ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस के साथ-साथ अन्य थानों का पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से छानबीन की जा रही है। आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हत्यारों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
इस नृशंस हत्याकांड ने पूरे एटा शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ चार जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं, तो दूसरी तरफ एक मासूम बच्चा ऐसा सदमा झेल गया है, जिसकी टीस शायद जिंदगी भर उसके दिल में बनी रहेगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया जाएगा, लेकिन फिलहाल मोहल्ला नगला प्रेमी में खौफ, आक्रोश और गहरे शोक का माहौल बना हुआ है।
