फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज घोटाला: 45 लाख की ठगी में संतोष पाठक गिरफ्तार
शाहजहांपुर में फर्जी पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज चलाकर छात्रों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ निवासी संतोष पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस मामले का मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
132 छात्रों से 45 लाख से अधिक की ठगी
मामले के अनुसार आरोपियों ने बिना मान्यता के पैरामेडिकल कॉलेज संचालित कर 132 छात्र-छात्राओं से करीब 45 लाख रुपये फीस के रूप में वसूल किए। बाद में परीक्षा कराकर उन्हें फर्जी अंकपत्र भी दे दिए गए।
जब छात्र-छात्राएं स्कॉलरशिप और अन्य दस्तावेजों के लिए संबंधित विभागों में पहुंचे, तब खुलासा हुआ कि कॉलेज को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से अनुमति नहीं थी और छात्रों का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुवायां निवासी कमलदीप शुक्ला की ओर से न्यायालय के आदेश पर 13 दिसंबर 2024 को इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में बरेली मोड़ स्थित इस कॉलेज के बारे में जानकारी मिली थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मुख्य आरोपी ने उन्हें मैनेजर के पद पर नौकरी देने और छात्रों के प्रवेश पर कमीशन देने का लालच दिया था। उन्होंने कई परिचितों का कॉलेज में प्रवेश भी कराया।
फर्जी मान्यता का खुलासा
जांच में सामने आया कि संबंधित संस्थान को बोर्ड ऑफ मेडिकल हेल्थ साइंस एंड रिसर्च उत्तर प्रदेश से कोई मान्यता प्राप्त नहीं थी। इसके बावजूद कॉलेज संचालित कर छात्रों से फीस वसूली जा रही थी।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में मुख्य आरोपी बीके सिंह उर्फ बालकिशोर सिंह को 13 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब गुरुवार को पुलिस ने संतोष पाठक को भी गिरफ्तार कर लिया।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और ठगी से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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