ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत के मामले में 15 महीने बाद केस दर्ज
हरियाणा के नारनौंद क्षेत्र के गांव बुडाना स्थित ढांडा ईंट भट्टा उद्योग में दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत के मामले में करीब 15 महीने बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। बाल संरक्षण आयोग के आदेश के बाद पुलिस ने भट्ठा संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी भट्ठा मालिक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
यह हादसा 22 दिसंबर 2024 की रात को नारनौंद से उचाना सड़क मार्ग पर गांव बुडाना के पास स्थित ढांडा ईंट भट्टा उद्योग में हुआ था। अचानक भट्ठे की दीवार गिरने से वहां सो रहे कई बच्चे ईंटों के नीचे दब गए थे। इस दुर्घटना में चार बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इन बच्चों की हुई थी दर्दनाक मौत
हादसे में सूरज, विवेक, नंदिनी और निशा नाम के चार बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं अन्य बच्चे गौरी और हिमांशी तथा राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था।
सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने जय भगवान के तीनों बच्चों सूरज, विवेक और नंदिनी को मृत घोषित कर दिया था। वहीं गंभीर रूप से घायल निशा, गौरी, हिमांशी और राजेश को बेहतर इलाज के लिए हिसार रेफर किया गया था। बाद में इलाज के दौरान निशा की भी मौत हो गई थी।
ठंड के कारण बच्चों को भट्ठे के अंदर सुलाया गया था
उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं के गांव बैरमई निवासी भगवान दास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा मुरारी लंबे समय से बुडाना के पास स्थित ढांडा ईंट भट्टा उद्योग पर काम कर रहा था। उसके कहने पर परिवार के अन्य सदस्य भी वहां काम करने के लिए आ गए थे।
उन्होंने बताया कि परिवार के लोग भट्ठे से पकी हुई ईंटें निकालने का काम करते थे। 22 दिसंबर 2024 की शाम को भी वे लोग काम करने के लिए भट्ठे पर पहुंचे थे और उनके साथ बच्चे भी थे। उस दिन ठंड ज्यादा होने के कारण बच्चों सूरज, विवेक और नंदिनी को भट्ठे के अंदर एक दीवार के पास चारपाई लगाकर सुला दिया गया था।
इसी दौरान मुरारी के बच्चे निशा, गौरी और हिमांशी भी वहीं आकर सो गए थे। उनके साथ मुरारी के ताऊ का बेटा राजेश भी बच्चों के पास बैठा हुआ था। रात करीब साढ़े दस बजे अचानक भट्ठे की दीवार गिर गई और सभी बच्चे ईंटों के नीचे दब गए।
हादसे के बाद हुआ था समझौता
हादसे के बाद उस समय भट्ठा संचालक के साथ परिजनों का समझौता हो गया था। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए सभी मृत बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिए गए थे।
हालांकि बाद में यह मामला बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान में आया। आयोग के निर्देश पर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की और भट्ठा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
भट्ठा मालिक के खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने इस मामले में जुलाना के वार्ड नंबर 12 निवासी भट्ठा मालिक सोनू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हादसे से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
LATEST NEWS