इजरायल-अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, जवाब में ईरान ने दागीं सैकड़ों मिसाइलें
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने अमेरिका की मदद से ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल तेहरान में कई तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। बताया जा रहा है कि यह हमला रणनीतिक और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला हमला ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास हुआ। हालांकि हमले से पहले ही उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट के पास भी विस्फोटों की आवाज सुनी गई। ईरान के राष्ट्रपति भवन और कई मंत्रालयों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
करीब 30 ठिकानों पर हमले का दावा
इजरायल की ओर से दावा किया गया है कि उसने ईरान में लगभग 30 ठिकानों पर हमला किया है। इनमें खुफिया एजेंसी के दफ्तर और सैन्य ढांचे से जुड़े स्थान शामिल बताए जा रहे हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इसे “प्रिवेंटिव मिसाइल स्ट्राइक” बताया है और कहा है कि यह कदम संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया गया।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर बताया कि देशभर में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों और शेल्टर के पास रहने की एडवाइजरी जारी की गई है। मोबाइल फोन पर अलर्ट संदेश भी भेजे गए हैं।
ईरान का जवाबी हमला
इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इजरायल की ओर लगभग 400 बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है।
ईरान की ओर से एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। तेहरान और अन्य शहरों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। नागरिकों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।
इजरायल में आपात स्थिति
इजरायल ने पूरे देश में आपात स्थिति घोषित कर दी है। एयरस्पेस बंद कर दिया गया है और स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि यह अलर्ट लोगों को संभावित मिसाइल हमलों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। सेना लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय चिंता
इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से लगातार सैन्य गतिविधियां जारी हैं। नुकसान और हताहतों के बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे के घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
(समाचार एजेंसी इनपुट के आधार पर)
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