रामनगर में साधु के वेश में आया बहुरूपिया व्यापारी को कथित तौर पर प्रभावित कर गल्ले से रुपये ले गया
वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र के त्रिपोलिया इलाके में शनिवार दोपहर किताब कॉपी की दुकान पर सामने आई कथित घटना से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि साधु के वेश में एक व्यक्ति किताब कॉपी की दुकान पर पहुंचा और दुकानदार से बातचीत करने लगा। बातचीत के दौरान दुकानदार का ध्यान कथित तौर पर इस तरह भटक गया कि उसे कुछ समय तक दुकान में हो रही गतिविधियों का सही अंदाजा नहीं हो सका। इसी दौरान आरोप है कि व्यक्ति दुकान के गल्ले में रखे रुपये लेकर वहां से निकल गया। कुछ समय बाद जब दुकानदार को घटना का एहसास हुआ तो उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों के बीच अनजान लोगों से सावधानी बरतने को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
दोपहर करीब एक बजे दुकान पर पहुंचा व्यक्ति
बताया जा रहा है कि कथित घटना शनिवार दोपहर करीब एक बजे की है। त्रिपोलिया क्षेत्र में किताब कॉपी की दुकान चलाने वाला व्यापारी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान साधु के वेश में एक व्यक्ति वहां पहुंचा। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। आरोप है कि बातचीत के दौरान व्यक्ति ने दुकानदार का ध्यान अपनी बातों और गतिविधियों में इस तरह उलझाए रखा कि वह कुछ समय के लिए दुकान में रखी नकदी और आसपास की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे सका। इसी दौरान कथित रूप से गल्ले में रखी रकम लेकर व्यक्ति दुकान से बाहर निकल गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के दुकानदारों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
सम्मोहन हुआ या ध्यान भटकाने की कोशिश जांच का विषय
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा हो रही है कि दुकानदार को कथित तौर पर सम्मोहित किया गया था। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि वास्तव में किसी प्रकार का सम्मोहन हुआ था। किसी व्यक्ति के व्यवहार को देखकर ही उसे सम्मोहन का परिणाम मान लेना उचित नहीं है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। ऐसी घटनाओं में अपराधी बातचीत के जरिए व्यक्ति का ध्यान भटका सकते हैं या ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं जिनमें सामने वाला कुछ समय के लिए अपनी नकदी और सामान की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे पाता। इसलिए घटना को लेकर किए जा रहे सम्मोहन या वशीकरण संबंधी दावों को फिलहाल जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।
बातचीत के दौरान कैसे बरती जाए सावधानी
दुकान या किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर अनजान व्यक्ति आने पर व्यापारी को सामान्य सावधानी बरतनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लगातार बातचीत के जरिए दुकानदार का ध्यान एक ही दिशा में लगाए रखने की कोशिश करे या बिना जरूरत कैश काउंटर और गल्ले के आसपास पहुंचने लगे तो तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए। धार्मिक बातचीत, आशीर्वाद, पूजा पाठ या किसी अन्य बहाने से दुकान के भीतर आने वाले व्यक्ति को भी नकदी वाले स्थान तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि धार्मिक वेशभूषा में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति संदिग्ध होता है। सावधानी व्यक्ति के पहनावे के आधार पर नहीं बल्कि उसके व्यवहार और परिस्थितियों को देखकर बरती जानी चाहिए।
गल्ले की सुरक्षा के लिए व्यापारियों को सतर्क रहने की जरूरत
व्यापारियों के लिए नकदी की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। दुकान में आने वाले किसी भी अपरिचित व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कैश काउंटर के पास नहीं आने देना चाहिए। यदि दुकान पर एक से अधिक कर्मचारी मौजूद हों तो किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत के दौरान दूसरे कर्मचारी को भी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सतर्क किया जा सकता है। गल्ले में जरूरत से अधिक नकदी रखने से बचना चाहिए। दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हों तो उनका सही दिशा में होना भी जरूरी है ताकि प्रवेश द्वार, कैश काउंटर और दुकान के महत्वपूर्ण हिस्से स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो सकें। किसी घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।
संदिग्ध स्थिति में पुलिस को सूचना देना बेहतर
यदि किसी व्यापारी को लगे कि कोई अनजान व्यक्ति जानबूझकर उसका ध्यान भटका रहा है या दुकान के अंदर संदिग्ध तरीके से घूम रहा है तो उसे तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में आसपास के दुकानदारों या कर्मचारियों को बुलाया जा सकता है। नकदी और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। किसी संदिग्ध व्यक्ति से अनावश्यक विवाद या हाथापाई करने के बजाय उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। यदि घटना हो चुकी हो तो पुलिस को तत्काल सूचना देने के साथ उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखना चाहिए।
वेशभूषा के आधार पर किसी व्यक्ति को संदिग्ध मानना उचित नहीं
रामनगर की कथित घटना के बाद लोगों के बीच साधु के वेश में आने वाले लोगों को लेकर चर्चा जरूर हो रही है लेकिन किसी व्यक्ति की धार्मिक या पारंपरिक वेशभूषा को अपराध से जोड़ना उचित नहीं होगा। साधु या किसी अन्य धार्मिक वेश में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति संदिग्ध नहीं होता। आम लोगों को पहचान या पहनावे के आधार पर किसी व्यक्ति के प्रति पूर्वाग्रह रखने के बजाय उसके व्यवहार और परिस्थितियों के आधार पर सावधानी बरतनी चाहिए। कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी शिकायत की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
रामनगर की घटना ने व्यापारियों को किया सतर्क
त्रिपोलिया क्षेत्र में सामने आई इस कथित घटना ने व्यापारियों के सामने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि दुकान पर आने वाले अनजान लोगों के बीच नकदी और सामान की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों को चाहिए कि वे ग्राहकों और अन्य आगंतुकों के साथ सामान्य व्यवहार रखते हुए भी कैश काउंटर की सुरक्षा पर लगातार नजर रखें। किसी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। दुकान पर मौजूद अन्य लोगों को भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल व्यापारी को स्थानीय पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
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