वाराणसी में क्राइम मीटिंग के बाद बड़ा फेरबदल चौक और राजातालाब के थाना प्रभारी लाइन हाजिर
वाराणसी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में 29 अगस्त को कमिश्नरेट वाराणसी में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्र की कानून व्यवस्था अपराध नियंत्रण लंबित विवेचनाओं जनसुनवाई महिला सुरक्षा यातायात व्यवस्था और थाना स्तर की पुलिसिंग की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं के निस्तारण अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्य में शिथिलता मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद कमिश्नरेट में कई अधिकारियों और थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। चौक और राजातालाब के थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया जबकि कई अन्य थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई।
चौक और राजातालाब थाना प्रभारी पर कार्रवाई
क्राइम समीक्षा बैठक के बाद चौक के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्र और राजातालाब के प्रभारी निरीक्षक दयाराम को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई। चौक थाने की पुलिसिंग को लेकर सावन के दौरान सामने आई शिकायतों की भी समीक्षा किए जाने की बात कही गई। काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र से जुड़े चौक थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली और पंडा पुजारियों तथा पुरोहितों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी समीक्षा के दौरान उठने की जानकारी दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारियों को आम नागरिकों और स्थानीय लोगों के साथ संयमित व्यवहार करने तथा शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
राजातालाब थाने की समीक्षा के दौरान श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई और विवेचना को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि इस मामले में हाल के दिनों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 अगस्त को पुनीत मिश्रा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद 27 अगस्त को राजातालाब पुलिस ने मामले में प्रकाश में आए रामसहाय चौबे को भी गिरफ्तार किया। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार मामले के शीघ्र अनावरण और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए राजातालाब पुलिस और एसओजी की टीमों को लगाया गया था। ऐसे में हत्याकांड से जुड़ी कार्रवाई के साथ थाना स्तर की पुलिसिंग और कार्यप्रणाली की समीक्षा भी बैठक में महत्वपूर्ण रही।
कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदले
क्राइम समीक्षा बैठक के बाद कमिश्नरेट में व्यापक स्तर पर थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। दूसरे जनपद में स्थानांतरण के चलते फूलपुर के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया। मंडुवाडीह के प्रभारी निरीक्षक अजय राज वर्मा को फूलपुर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। चेतगंज के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को चौक थाने की जिम्मेदारी दी गई। लोहता के थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय को मंडुवाडीह थाने का प्रभारी बनाया गया। रमना चौकी प्रभारी पवन पांडेय को चेतगंज थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। पुलिस आयुक्त के मीडिया सेल से जुड़े अभिजीत सिंह को लोहता थाने का प्रभारी बनाया गया। रोहनिया थाने से जितेंद्र कुमार को राजातालाब थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
एसीपी स्तर पर भी हुआ बदलाव
कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर भी जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया। एसीपी कैंट रहे अपूर्व पांडेय को सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अवकाश से वापस लौटीं प्रज्ञा पाठक को एसीपी कैंट का प्रभार सौंपा गया। अधिकारियों को उनके प्रदर्शन और परिणाम के आधार पर जिम्मेदारी दिए जाने का संदेश बैठक में दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के साथ जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण पर भी लगातार निगरानी रखें।
अवैध गतिविधियों पर निगरानी के लिए एसओजी 2 का गठन
कमिश्नरेट क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए एसओजी 2 के गठन की जानकारी भी सामने आई है। इस टीम को जुआ सट्टा देह व्यापार अवैध हुक्का बार और मादक पदार्थों की बिक्री जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को एसओजी 2 का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले मई में वाराणसी में एसओजी 2 को भंग कर नई टीम गठित करने के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। 1
लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
अपराध समीक्षा के दौरान लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। डी 60 श्रेणी में दस वर्ष से कम सजा वाले मामलों तथा डी 90 श्रेणी में दस वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों की विवेचनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले की प्रगति की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। थाना स्तर पर लंबित मामलों की निगरानी के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर सख्ती
महिला संबंधी अपराधों में तत्काल कार्रवाई करने और प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर विधिक प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कदम उठाने के निर्देश दिए गए। लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाओं का प्रभावी अनावरण कर आरोपितों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया। एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र या दूसरे जनपद में जाकर अपराध करने वाले बदमाशों की निगरानी मजबूत करने और ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने पर फोकस
बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों की राशि वापस दिलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई को पुलिसिंग की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
यातायात अतिक्रमण और सीसीटीवी की होगी निगरानी
पुलिस कमिश्नर ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित पैदल गश्त करने सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही थानों स्कूलों कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच करने को कहा गया। स्कूलों और हॉस्टलों के आसपास मनचलों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
एफआईआर और गुमशुदगी मामलों की होगी नियमित समीक्षा
प्रत्येक एफआईआर और गुमशुदगी के मामले की एसीपी स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि थानों में आने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाए। पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट किया कि केवल मुकदमा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है बल्कि विवेचना की गुणवत्ता और पीड़ित को मिलने वाली कार्रवाई भी पुलिसिंग के मूल्यांकन का आधार होगी।
आगामी त्योहारों को लेकर सतर्कता के निर्देश
आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को देखते हुए भी पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों की पहले से पहचान कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी रहे मौजूद
मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी सहित कमिश्नरेट के राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में अपराध की स्थिति लंबित विवेचनाओं जनसुनवाई कानून व्यवस्था यातायात और आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद हुए तबादलों और जिम्मेदारियों में बदलाव से पुलिस कमिश्नरेट में यह संदेश दिया गया है कि थाना स्तर पर पुलिसिंग के प्रदर्शन और परिणाम को गंभीरता से लिया जा रहा है।
LATEST NEWS