मुगलसराय में 12 घंटे की ड्यूटी के बाद कर्मचारी की संदिग्ध मौत
चंदौली: मुगलसराय थाना क्षेत्र के पुरानी डांडी स्थित सरगम इंटरप्राइजेज पाइप कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भिसौड़ी निवासी मुन्ना पाल की उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है। वह रविवार रात कंपनी में ड्यूटी करने पहुंचे थे और लगातार करीब 12 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद सोमवार सुबह कंपनी से बाहर निकले थे। कंपनी परिसर के पास सड़क पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह लड़खड़ाकर सड़क पर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों ने मौत की वजह को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
ड्यूटी पूरी करने के बाद सड़क पर गिरे कर्मचारी
परिजनों के अनुसार मुन्ना पाल नियमित रूप से कंपनी में काम करते थे। रविवार रात भी वह निर्धारित समय पर ड्यूटी करने पहुंचे थे। रात 9 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक करीब 12 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद वह कंपनी से बाहर निकले। इसी दौरान कंपनी के पास सड़क पर अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और वह लड़खड़ाकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। परिजनों के मुताबिक पहले उन्हें लतीफ अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर परिजनों और ग्रामीणों के सवाल
मुन्ना पाल की मौत के बाद कंपनी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि कैमरे में मुन्ना पाल के सड़क पर गिरने की घटना रिकॉर्ड हुई है। उनका कहना है कि फुटेज में वह लड़खड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं और सड़क पर गिरने के बाद कुछ समय तक वहीं पड़े रहे। इसके बाद अन्य कर्मचारियों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
पूर्व प्रधान लाल बाबू यादव और ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने भी घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार घटना से संबंधित करीब 10 से 15 मिनट का महत्वपूर्ण फुटेज सामने लाया जाना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि कंपनी के बाहर और परिसर में लगे कैमरों की घटना से पहले और बाद की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराई जाए। उनका कहना है कि फुटेज की निष्पक्ष जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मुन्ना पाल के साथ घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।
करंट लगने की आशंका जता रहे परिजन
मृतक के पुत्र सुधांशु पाल ने बताया कि उनके पिता को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि संभवत कंपनी परिसर में काम करने के दौरान या बाहर निकलते समय मुन्ना पाल को करंट का झटका लगा हो सकता है। हालांकि परिजनों ने भी यह स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल करंट लगने की आशंका को अंतिम कारण नहीं माना जा सकता है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
परिजनों ने अस्पताल की जानकारी मिलने में देरी का लगाया आरोप
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल की जानकारी मिलने में देरी का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें घटना के बाद अलग अलग अस्पतालों के बारे में जानकारी दी गई। इसके कारण उन्हें सही जानकारी मिलने और अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें घटना की तत्काल और सही जानकारी दी जाती तो वह समय रहते अस्पताल पहुंच सकते थे। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
कंपनी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग
मुन्ना पाल की मौत के बाद ग्रामीणों ने कंपनी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली से जुड़े इंतजामों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी तय की जानी चाहिए। परिजनों की मांग है कि घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर उसकी जांच की जाए। साथ ही कंपनी परिसर में बिजली व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की भी जांच होनी चाहिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल मुन्ना पाल की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। परिजन करंट लगने की आशंका जता रहे हैं लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितियों की जांच से भी पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। परिजनों और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि घटना के सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए। मुगलसराय थाना क्षेत्र की इस घटना में अब मौत की वास्तविक वजह और घटना के समय की परिस्थितियों को लेकर जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
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