नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण धमाका, 18 मजदूरों की मौत, 24 घायल
महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार सुबह एक भीषण विस्फोट ने 18 लोगों की जान ले ली, जबकि 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की विस्फोटक निर्माण इकाई में सुबह करीब 7 से 7:15 बजे के बीच हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कई शव बुरी तरह झुलस गए।
घायलों का नागपुर में इलाज जारी
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने मृतकों की आधिकारिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराने का निर्णय लिया है।
डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ धमाका
कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार विस्फोट डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उस समय कोई सक्रिय निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। हालांकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण कर रही है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि वह जांच में प्रशासन का पूरा सहयोग करेगी और घायलों के उपचार का पूरा खर्च वहन करेगी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये प्रति परिवार आर्थिक सहायता देगी। साथ ही संबंधित कंपनी भी प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान करेगी।
एक दिन पहले आंध्र प्रदेश में भी हुआ था हादसा
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इससे एक दिन पहले आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 21 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे ऐसे हादसे औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन बचाव और राहत कार्यों में जुटा है। घायलों के उपचार के साथ साथ मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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