रामनगर प्रकरण में नया मोड़ पुलिस पर आरोप लगाने वाले युवक के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र से जुड़े चर्चित प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। कुछ दिन पहले पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाकर डीसीपी काशी जोन से निष्पक्ष जांच की मांग करने वाले युवक शिबू खान के खिलाफ अब रामनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई रामपुर क्षेत्र में किराये पर रहने वाली फिजा खान की लिखित तहरीर के आधार पर की गई है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिजा खान की शिकायत पर हुई कार्रवाई
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार फिजा खान पुत्री आफताब खान ने आरोप लगाया है कि 18 जुलाई 2026 की रात करीब 12 बजे पड़ोस में रहने वाला शिबू खान नशे की हालत में उनके घर पहुंचा और बिना किसी कारण उनके पिता आफताब खान के साथ गाली गलौज करने लगा। शिकायत में कहा गया है कि विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी जिससे परिवार के सदस्य भयभीत हो गए।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगले दिन सुबह आपसी विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने के उद्देश्य से शिबू खान को बातचीत के लिए बुलाया गया लेकिन वह दोबारा नशे की हालत में पहुंचा और कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए विवाद करने लगा। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका व्यवहार पहले से विवादित रहा है और वह अक्सर मोहल्ले में लोगों के साथ झगड़ा करता है।
पुलिस ने शुरू की विवेचना
फिजा खान की शिकायत के आधार पर रामनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ओमप्रकाश वर्मा को सौंपी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पहले पुलिस पर लगाए गए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले शिबू खान ने डीसीपी काशी जोन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि रामनगर थाना परिसर स्थित कस्बा पुलिस चौकी में उसके साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की गई थी। इस घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। हालांकि न्यूज रिपोर्ट ने वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की थी और मामले की सत्यता को लेकर किसी प्रकार का दावा नहीं किया था।
दोनों मामलों की जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल एक ओर पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है तो दूसरी ओर शिबू खान के विरुद्ध दर्ज एफआईआर ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। ऐसे में दोनों मामलों की निष्पक्ष विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस जांच पर बनी हुई है और सभी को जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार है।
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