आधे घंटे में मौत के मुहाने से युवक को सुरक्षित वापस लाई लंका पुलिस
आत्महत्या का संदेश मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम सर्विलांस की मदद से युवक को खोजकर परिजनों को सौंपा
वाराणसी: लंका पुलिस की त्वरित सक्रियता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक परिवार की खुशियां उजड़ने से बचा ली। आत्महत्या का संदेश मिलने के बाद जिस तेजी और गंभीरता से पुलिस ने कार्रवाई की वह केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रही बल्कि मानव जीवन के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संवेदनशील सोच का भी उदाहरण बन गई। महज आधे घंटे के भीतर पुलिस टीम ने सर्विलांस की सहायता से युवक को सुरक्षित खोज निकाला और उसकी काउंसिलिंग कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। समय रहते उठाए गए इस कदम से एक संभावित अप्रिय घटना टल गई और एक परिवार को बड़ा सदमा झेलने से बचा लिया गया।
दो दिन पहले वाराणसी घूमने आया था युवक
पुलिस के अनुसार बिहार के कैमूर जिले का रहने वाला अट्ठाईस वर्षीय युवक दो दिन पहले वाराणसी घूमने आया था। इस दौरान परिवार के लोग लगातार उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसी बीच युवक ने अपने भाई के मोबाइल पर एक संदेश भेजा जिसमें उसने आत्महत्या करने की बात लिखी थी। यह संदेश पढ़ते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। किसी अनहोनी की आशंका से घबराए परिजनों ने बिना देर किए लंका थाने से संपर्क कर पूरी जानकारी पुलिस को दी और तत्काल सहायता की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
मामले की गंभीरता को समझते हुए थाने पर तैनात उपनिरीक्षक हर नारायण सिंह ने तत्काल थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने इसे सामान्य गुमशुदगी का मामला मानने के बजाय जीवन बचाने की चुनौती के रूप में लिया और तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद लंका थाना की क्राइम ब्रांच टीम बिना समय गंवाए सक्रिय हो गई। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और सर्विलांस की सहायता से युवक की लोकेशन ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की और लगातार अलग अलग बिंदुओं पर काम करते हुए उसकी तलाश तेज कर दी।
महज आधे घंटे में खोज निकाला युवक
पुलिस की तेज कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि सूचना मिलने के लगभग आधे घंटे के भीतर ही टीम ने युवक को सुरक्षित खोज निकाला। उसे सकुशल थाने लाया गया जहां अधिकारियों ने उससे शांत वातावरण में बातचीत की। पुलिस ने केवल औपचारिक कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि युवक की मानसिक स्थिति को समझते हुए उसकी काउंसिलिंग भी की। अधिकारियों ने उसे जीवन का महत्व समझाया और हर परिस्थिति में परिवार तथा समाज के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। पुलिस की इस संवेदनशील पहल का युवक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
जब पुलिस ने युवक के सुरक्षित मिलने की सूचना उसके परिवार को दी तो परिजनों ने राहत की सांस ली। कुछ ही समय पहले जिस परिवार पर दुख का पहाड़ टूटने की आशंका थी वही परिवार अपने बेटे को सकुशल देखकर भावुक हो उठा। परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय नहीं होती तो कोई भी बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और पूरी टीम की तत्परता तथा मानवीय व्यवहार की सराहना की।
मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी लंका पुलिस
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का उदाहरण है कि पुलिस का दायित्व केवल अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के जीवन की रक्षा करना भी है। लंका पुलिस ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए एक युवक की जान बचाई वह समाज में पुलिस के मानवीय चेहरे को भी सामने लाता है। समय पर लिया गया निर्णय और समन्वित प्रयास किसी भी संकट को टाल सकते हैं और इस मामले में भी पुलिस की सक्रियता ने एक परिवार को जीवन भर का दुख झेलने से बचा लिया।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि परिवार या परिचित का कोई सदस्य मानसिक तनाव में दिखाई दे या आत्मघाती संकेत दे तो इसे हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में तत्काल परिवार के लोगों को साथ लेकर पुलिस तथा संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करें। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई कई बार किसी की जान बचाने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।
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