रामनगर थाना परिसर में युवक से मारपीट का आरोप डीसीपी से निष्पक्ष जांच की मांग
वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। रामपुर वार्ड संख्या 13 निवासी शिबू खान ने पुलिस उपयुक्त काशी जोन को लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि थाना परिसर स्थित कस्बा पुलिस चौकी के एक कमरे में उसके साथ एक उपनिरीक्षक तथा तीन आरक्षियों ने मारपीट की। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
थाने के बाहर इंतजार करने के दौरान हुई घटना का आरोप
डीसीपी काशी जोन को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार शिबू खान ने बताया कि 17 जुलाई 2026 की रात लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर वह अपने मित्र अरविंद के साथ रामनगर थाने गया था। उसके अनुसार मित्र किसी कार्य से थाना परिसर के भीतर चला गया जबकि वह बाहर खड़ा होकर उसका इंतजार कर रहा था। शिकायत में कहा गया है कि इसी दौरान दो आरक्षी वहां पहुंचे और उससे पूछताछ करने लगे। पीड़ित का कहना है कि उसने शालीनता से अपना परिचय देते हुए बताया कि वह अपने मित्र का इंतजार कर रहा है लेकिन इसके बावजूद उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे जबरन थाना परिसर स्थित एक कमरे में ले जाया गया।
उपनिरीक्षक और आरक्षियों पर मारपीट का आरोप
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि कमरे के भीतर पहले से एक उपनिरीक्षक और एक अन्य आरक्षी मौजूद थे। पीड़ित के अनुसार कमरे में पहुंचते ही उसका हाथ पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया गया और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ लाठी डंडों से मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वह लगातार अपनी बेगुनाही की बात कहता रहा और यह पूछता रहा कि उसका दोष क्या है लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
शरीर पर चोट और मानसिक उत्पीड़न का दावा
प्रार्थना पत्र में शिबू खान ने दावा किया है कि कथित मारपीट के कारण उसके शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान हैं और सूजन आ गई है। उसने यह भी कहा है कि इस घटना से उसे शारीरिक पीड़ा के साथ साथ मानसिक उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ा है। शिकायत में पूरे घटनाक्रम को अमानवीय बताते हुए थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराकर उसकी जांच कराने की मांग की गई है ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके।
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने डीसीपी काशी जोन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित उपनिरीक्षक और आरक्षियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई के साथ साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस का पक्ष आना बाकी
यह पूरा मामला पीड़ित द्वारा पुलिस उपयुक्त काशी जोन को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। समाचार प्रकाशित होने तक रामनगर पुलिस अथवा पुलिस कमिश्नरेट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया था। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में वाराणसी में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ मामलों ने सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया है। ऐसे समय में रामनगर थाने से जुड़ी यह शिकायत भी जांच का विषय बन गई है। निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दुराचार पाया जाता है तो उसके लिए किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।
LATEST NEWS