सीतापुर में नजूल की जमीन पर बने सपा कार्यालय, एक भाजपा नेता के आवास सहित अन्य निर्माणों को खाली कराने को लेकर प्रशासन की सख्ती लगातार बनी हुई है। नोटिस जारी होने के बाद सोमवार को तीसरी बार तहसीलदार अतुल सेन सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सपा कार्यालय तथा टाउन हॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान कब्जेदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए।
तहसीलदार अतुल सेन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि नजूल की भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कब्जेदारों को 22 जनवरी तक स्वयं भूमि खाली करने का समय दिया गया है। यह अंतिम सूचना है और इसके बाद प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। तय तिथि के बाद प्रशासन स्वयं अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई करेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले 7 जनवरी को टाउन हॉल को नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में 15 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई थी। सोमवार को तहसील प्रशासन तीसरी बार मौके पर पहुंचा, ताकि कब्जेदारों को दी गई समय सीमा की याद दिलाई जा सके और स्थिति का जायजा लिया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की एक नियमित प्रक्रिया है। तहसीलदार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों का पालन हर हाल में करना होगा।
मौके पर प्रशासनिक टीम की मौजूदगी से क्षेत्र में हलचल बनी रही। वहीं सपा कार्यालय और टाउन हॉल से जुड़े लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज रही। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। अब यह देखना होगा कि 22 जनवरी तक कब्जेदार स्वयं जमीन खाली करते हैं या फिर प्रशासन को बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ती है।
