एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, रेड सैंड बोआ और पैंगोलिन खाल के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने अत्यंत लुप्तप्राय प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप और पैंगोलिन की खाल के अवैध व्यापार में संलिप्त तीन वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद वन्य जीव सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नारायणपुर शनि देव मंदिर के पास दबोचे गए तस्कर
सूचना के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में लुप्तप्राय वन्य जीवों की तस्करी करने वाले गिरोह की सक्रियता की जानकारी मिल रही थी। इसी क्रम में एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को सूचना संकलन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षक पुनीत परिहार, एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी द्वारा टीम के साथ लगातार निगरानी की जा रही थी।
दिनांक 28 फरवरी 2026 को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ से सूचना मिली कि कुछ अंतरराज्यीय तस्कर बिहार से दुर्लभ वन्य जीवों का शिकार कर जनपद मीरजापुर की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर एसटीएफ और वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने थाना अदलहाट क्षेत्रांतर्गत नारायणपुर शनि देव मंदिर के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार तस्करों की पहचान उमर फारूक पुत्र शमीम अहमद निवासी कोयला बाजार थाना आदमपुर जनपद वाराणसी, अजहरूद्दीन अहमद पुत्र मोइनुद्दीन अहमद निवासी 2 बटा 3 नर्केल दगा मेन रोड कोलकाता पश्चिम बंगाल तथा राम प्रकाश पाठक पुत्र गुरु प्रसाद पाठक निवासी कुंडली नारायणपुर थाना अदलहाट जनपद मीरजापुर के रूप में हुई है।
बरामदगी में दुर्लभ वन्य जीव सामग्री
संयुक्त टीम ने आरोपियों के कब्जे से एक रेड सैंड बोआ सांप, लगभग दो किलोग्राम पैंगोलिन की खाल, केमिकल और इंजेक्शन बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह वन्य जीव संरक्षित श्रेणी में आते हैं और इनका शिकार करना कानूनन प्रतिबंधित है।
पूछताछ में खुला तस्करी का तरीका
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि रेड सैंड बोआ सर्प और पैंगोलिन की खाल का उपयोग कथित रूप से शक्तिवर्धक दवाएं और कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत काफी अधिक होती है। तस्कर अवैध शिकार कर इन वन्य जीवों की तस्करी के माध्यम से बाहर भेजने की तैयारी में थे।
वन विभाग करेगा अग्रिम कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ स्थानीय वन विभाग द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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