उजियारपुर में 11 हजार वोल्टेज तार की चपेट में आने से किशोर की मौत, सिर धड़ से अलग
उजियारपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर देसुआ गांव स्थित चोरा चौर के समीप एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय किशोर की जान चली गई। गुरुवार की शाम लगभग चार बजे सड़क किनारे लगे 11 हजार वोल्टेज के बिजली तार की चपेट में आने से किशोर का सिर धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
खेलने के दौरान हुआ हादसा
मृतक की पहचान भगवानपुर देसुआ वार्ड दो निवासी पप्पू राय के पुत्र अंकित कुमार के रूप में की गई है। स्वजनों के अनुसार अंकित गांव के कुछ अन्य बच्चों के साथ चोरा चौर में खेलने गया था। खेलते समय वह सड़क किनारे लगे बिजली के पोल के पास पहुंच गया। इसी दौरान पोल से लगी स्टेक तार की चपेट में आने से उसे तेज करंट लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किशोर पोल के ऊपरी हिस्से की ओर खिंच गया। करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से उसका सिर कटकर नीचे गिर गया जबकि धड़ ऊपर ही फंसा रह गया। घटना स्थल पर यह दृश्य देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए।
हाल ही में चालू हुई थी लाइन
परिजनों का कहना है कि चौर से गुजरने वाली सड़क के किनारे हाल ही में नया बिजली पोल और तार लगाया गया था। दो तीन दिन पहले ही उसमें विद्युत आपूर्ति शुरू की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार इसकी जानकारी अधिकांश ग्रामीणों को नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पोल की ऊंचाई कम थी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
ग्रामीणों ने बताया कि खतरे से बचाव के लिए पोल पर कंटीले तार या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे। यदि सुरक्षा उपाय बेहतर होते तो संभव है कि यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।
वीडियो बनाने की भी चर्चा
घटना को लेकर गांव में अलग अलग चर्चाएं भी हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बच्चे पोल पर चढ़कर मोबाइल से वीडियो बना रहे थे और इसी दौरान अंकित करंट की चपेट में आ गया। हालांकि इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
सूचना मिलते ही उजियारपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि स्वजनों के बयान के आधार पर यूडी केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उच्च वोल्टेज लाइनों के आसपास पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा उपायों का अभाव जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के पोल और तारों की जांच कर उचित सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अंकित की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। गांव में शोक की लहर है और लोग इस दर्दनाक हादसे को लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।
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