UPPSC PCS इंटरव्यू 2024: प्रशासनिक समझ, AI, पर्यावरण और नैतिक निर्णय पर परखे अभ्यर्थी

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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यूपीपीएससी पीसीएस साक्षात्कार में प्रशासनिक समझ और समसामयिक विषयों पर प्रश्न पूछे गए।

UPPSC PCS Interview 2024: साक्षात्कार में प्रशासनिक समझ, एआई, पर्यावरण और नैतिक निर्णय क्षमता पर परखे गए अभ्यर्थी

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2024 भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चल रहे साक्षात्कार में अभ्यर्थियों की बौद्धिक क्षमता, व्यक्तित्व, प्रशासनिक दृष्टिकोण और समसामयिक जागरूकता की गहन परीक्षा ली जा रही है। तीसरे दिन बुधवार को आयोजित इंटरव्यू में बोर्ड ने पारंपरिक विषयों से आगे बढ़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय राजनीति, इतिहास, गणित, नैतिकता और प्रशासनिक निर्णय क्षमता जैसे विविध क्षेत्रों से प्रश्न पूछे।

एसडीएम के रूप में संकट प्रबंधन पर सवाल

एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि यदि आप एसडीएम हों और कार्यालय में लंच कर रहे हों, तभी कोई व्यक्ति गुस्से में आकर आपकी टेबल पर हाथ पटकने लगे तो आप स्थिति को कैसे संभालेंगे। इस प्रश्न के माध्यम से बोर्ड ने उम्मीदवार की धैर्यशीलता, संवाद कौशल और संकट प्रबंधन क्षमता को परखा। अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई कि वे कानून व्यवस्था, मानवीय व्यवहार और प्रशासनिक गरिमा के संतुलन के साथ उत्तर दें।

इसी क्रम में डीएसपी के पद के संदर्भ में पूछा गया कि यदि कोई क्षेत्र सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील हो तो वहां शांति बनाए रखने के लिए कौन-कौन सी सावधानियां अपनाई जाएंगी। प्रश्नों के जरिए यह परखा गया कि उम्मीदवार कानून व्यवस्था, खुफिया तंत्र, सामुदायिक संवाद और त्वरित कार्रवाई की समझ रखते हैं या नहीं।

एआई और मशीन लर्निंग पर विश्लेषणात्मक प्रश्न

साक्षात्कार में आधुनिक तकनीक विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर भी प्रश्न पूछे गए। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि आप अपने दैनिक जीवन में एआई का कैसे उपयोग करते हैं। इसके अलावा एआई और मशीन लर्निंग में अंतर क्या है तथा गवर्नेंस में एआई की क्या भूमिका हो सकती है, इस पर भी चर्चा की गई।

बोर्ड ने यह जानने का प्रयास किया कि अभ्यर्थी डिजिटल गवर्नेंस, डेटा आधारित नीति निर्माण और तकनीकी नवाचारों के प्रशासनिक उपयोग को किस दृष्टि से देखते हैं।

पर्यावरण और वायु प्रदूषण पर प्रशासनिक दृष्टिकोण

पर्यावरण से जुड़े प्रश्नों में भारत और अन्य देशों में वायु प्रदूषण की स्थिति की तुलना करने को कहा गया। साथ ही यह भी पूछा गया कि यदि आप एसडीएम हों तो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाएंगे।

अभ्यर्थियों से जलवायु परिवर्तन के कारण और समाधान, सोलर ऊर्जा की चुनौतियां, पोषण सुरक्षा और समावेशी विकास जैसे विषयों पर भी राय मांगी गई। रेयर अर्थ मेटल क्या होते हैं और क्या सिलिकॉन रेयर अर्थ मेटल है, जैसे तकनीकी प्रश्नों के माध्यम से विज्ञान संबंधी बुनियादी समझ को भी परखा गया।

इतिहास, राजनीति और संविधान पर गहन प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में बांग्लादेश के चुनाव, वहां की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों और भारत की सुरक्षा चुनौतियों पर सवाल पूछे गए। साथ ही तानाशाही बनाम लोकतंत्र की अवधारणा पर अभ्यर्थियों के विचार जानने का प्रयास किया गया।

इतिहास से जुड़े प्रश्नों में आयरन मैन कौन थे, चाणक्य और बिस्मार्क की भूमिका क्या थी तथा जर्मनी का पुराना नाम क्या था, जैसे प्रश्न शामिल रहे। संविधान से संबंधित प्रश्नों में अनुच्छेद 14 के प्रावधानों पर चर्चा हुई, जिसमें विधि के समक्ष समानता और समान संरक्षण के सिद्धांत की समझ को परखा गया।

भारतीय और ग्रेगोरियन कैलेंडर पर सवाल

भारतीय कालगणना पर आधारित प्रश्न भी इंटरव्यू का हिस्सा रहे। अभ्यर्थियों से पूछा गया कि ग्रेगोरियन कैलेंडर और हिंदू कैलेंडर में कौन अधिक सटीक है और क्यों। शक संवत, विक्रम संवत, युगाब्ध की जानकारी के साथ प्राचीन भारतीय गणितज्ञों के योगदान पर भी प्रश्न किए गए।

कालगणना की वैज्ञानिकता और सांस्कृतिक परंपरा के समन्वय पर विचार प्रस्तुत करने को कहा गया, जिससे उम्मीदवार की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक समझ दोनों की परीक्षा हो सके।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर व्यक्तिगत प्रश्न

एमएससी गणित के एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि उन्होंने पीएचडी के बजाय सिविल सेवा को क्यों चुना। साथ ही गणित उन्हें क्यों आकर्षित करता है, जैसे प्रश्नों के माध्यम से तार्किक सोच, आत्मचिंतन और करियर चयन की स्पष्टता को परखा गया।

महिलाओं के सामने वर्तमान समय में क्या चुनौतियां हैं और प्रशासन में उनकी भूमिका क्या हो सकती है, इस पर भी विचार मांगे गए।

सामाजिक और नैतिक समझ की परीक्षा

आमंत्रण और निमंत्रण में अंतर पूछकर सामाजिक-सांस्कृतिक समझ का परीक्षण किया गया। समावेशी समाज की परिभाषा, नैतिक निर्णय क्षमता और प्रशासनिक जिम्मेदारी के संतुलन पर भी अभ्यर्थियों से विचार व्यक्त करने को कहा गया।

यहां तक कि टेबल पर रखे पानी का पीएच मान क्या होता है, जैसे सामान्य विज्ञान के प्रश्न भी पूछे गए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभ्यर्थी बुनियादी वैज्ञानिक तथ्यों से परिचित हैं।

व्यापक दृष्टिकोण और संतुलित सोच पर जोर

संपूर्ण साक्षात्कार प्रक्रिया से स्पष्ट है कि आयोग केवल तथ्यों की जानकारी नहीं, बल्कि संतुलित सोच, प्रशासनिक परिपक्वता, समसामयिक विषयों की समझ और नैतिक दृष्टिकोण को महत्व दे रहा है। पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को जोड़कर अभ्यर्थियों की समग्र क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है।

पीसीएस-2024 का यह साक्षात्कार चरण यह दर्शाता है कि भावी प्रशासनिक अधिकारियों से बहुआयामी दृष्टिकोण, त्वरित निर्णय क्षमता और समाज के प्रति संवेदनशीलता की अपेक्षा की जा रही है।