उत्तर प्रदेश में मौसम का अचानक बदला मिजाज, तेज हवा और बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली, जिससे आम जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिला। राजधानी लखनऊ में सुबह करीब दस बजे अचानक आसमान पर काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तर के लिए निकले लोग छाते और रेनकोट का सहारा लेते नजर आए।
प्रदेश के कई जिलों में दिखा मौसम का असर
इससे पहले प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम का यही बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। प्रयागराज और मथुरा में सुबह से ही तेज बारिश और धूलभरी आंधी चली, जिससे दृश्यता कम हो गई और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नोएडा, आगरा, अलीगढ़ और मेरठ सहित 25 से अधिक जिलों में रुक रुक कर बारिश जारी रही। वाराणसी में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसके कारण घाटों पर दुकान लगाने वाले लोगों को अपना सामान समेटना पड़ा। अयोध्या में बारिश के साथ छोटे आकार के ओले गिरने की सूचना मिली है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कानपुर समेत कई शहरों में तापमान में गिरावट
कानपुर सहित प्रदेश के करीब 33 शहरों में घने बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। इसका प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश में देखा जा रहा है। विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। अनुमान है कि तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है।
तेज आंधी और बारिश से नुकसान की आशंका
गुरुवार देर रात भी कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला था। गाजियाबाद, हाथरस और संभल जैसे क्षेत्रों में सड़क किनारे लगे होर्डिंग गिर गए और कई जगह पेड़ तथा बिजली के पोल भी उखड़ गए। तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। तापमान में भी स्पष्ट अंतर दर्ज किया गया, जहां बांदा में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं बिजनौर में न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मिर्जापुर में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत
मौसम के इस बदलाव के बीच मिर्जापुर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। पड़री थाना क्षेत्र के चांदलेवा गांव में खेत में काम कर रहे 70 वर्षीय किसान हरिशंकर पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर स्थिति हो गई। परिजन उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है।
कृषि पर पड़ सकता है असर
वाराणसी और आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश का असर देखा गया। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस असमय बारिश और तेज हवा से विशेष रूप से अरहर जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। खेतों में पानी भरने और हवा के दबाव से फसल गिरने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पृष्ठभूमि और आगे की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से इस तरह का मौसम परिवर्तन सामान्य है, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। प्रदेश भर में मौसम की अस्थिरता बनी हुई है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन और कृषि दोनों को प्रभावित किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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