वाराणसी न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की सघन समीक्षा, एंटी-सबोटाज चेकिंग के साथ व्यापक निरीक्षण
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी कमिश्नरेट में न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों, डॉग स्क्वाड, बम डिस्पोजल टीम तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से न्यायालय परिसर का सघन भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।
उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त (वरुणा) प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (प्रोटोकॉल) जंगबहादुर यादव, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) अपूर्व पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक कैंट, कचहरी सुरक्षा प्रभारी सहित अन्य पुलिस बल मौजूद रहे। साथ ही सेंट्रल बार एसोसिएशन एवं बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री भी इस संयुक्त निरीक्षण में शामिल हुए।
प्रवेश द्वारों और चेकिंग व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों पर तैनात पुलिस व्यवस्था, चेकिंग प्वाइंट्स, मेटल डिटेक्टर की कार्यप्रणाली तथा फ्रिस्किंग प्रक्रिया का मौके पर परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बिना जांच किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए और सुरक्षा जांच को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए।
संवेदनशील स्थलों का बारीकी से आकलन
न्यायालय कक्षों के आसपास के क्षेत्र, वादकारियों के प्रतीक्षा स्थल, अभिलेखागार, लॉकअप और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का गहन निरीक्षण किया गया। साथ ही परिसर के भीतर और आसपास के पार्किंग स्थलों की व्यवस्था, संदिग्ध या लावारिस वाहनों की पहचान और जांच व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया गया।
सीसीटीवी और मॉनिटरिंग सिस्टम की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कवरेज एरिया, ब्लाइंड स्पॉट्स और कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी कैमरे 24×7 सक्रिय रहें और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एंटी-सबोटाज चेकिंग कराई गई
डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल टीम द्वारा न्यायालय परिसर में सघन एंटी-सबोटाज चेकिंग की गई। आधुनिक उपकरणों की मदद से संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों को स्कैन कर किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पहचान सुनिश्चित की गई।
भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्था पर जोर
प्रमुख आवागमन मार्गों और आपातकालीन निकास मार्गों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निकासी संभव हो। अधिकारियों ने भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और सुव्यवस्थित मूवमेंट प्लान लागू करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा के लिए दिए गए कड़े निर्देश
अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रवेश द्वार पर 100 प्रतिशत सघन चेकिंग सुनिश्चित की जाए, केवल वैध पहचान पत्र वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए और संदिग्ध व्यक्तियों व वस्तुओं पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही सभी वाहनों की नियमित जांच, सीसीटीवी की सतत निगरानी और डॉग स्क्वाड के साथ समय-समय पर चेकिंग जारी रखने को कहा गया।
जनता के साथ संतुलित व्यवहार पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू करते हुए आमजन और अधिवक्ताओं के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखा जाए, ताकि न्यायालय परिसर में शांति और विश्वास का माहौल कायम रहे।
इस निरीक्षण के माध्यम से न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रत्येक पहलू का मूल्यांकन कर उसे और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
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