गंगा क्रूज परियोजना में करोड़ों की ठगी का आरोप केरल की कंपनी पर वाराणसी में केस दर्ज
वाराणसी: गंगा में आधुनिक क्रूज सेवा के विस्तार की दिशा में चल रही योजनाओं को उस समय बड़ा झटका लगा जब एक बहुचर्चित परियोजना से जुड़ा कथित वित्तीय घोटाला सामने आया। लंका थाने में केरल की एक निजी कंपनी के खिलाफ चार करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि क्रूज निर्माण के नाम पर भारी रकम लेने के बावजूद न तो तय समय में क्रूज तैयार किए गए और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई जिससे स्थानीय उद्यमी को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
गंगा में क्रूज विस्तार की योजना पर लगा ब्रेक
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविदास घाट निवासी विवेक मालवीय की कंपनी अलकनंदा क्रूजलाइन लिमिटेड गंगा नदी में पर्यटन आधारित क्रूज सेवाएं संचालित करती है। कंपनी ने अपने व्यवसाय के विस्तार के उद्देश्य से कोच्ची स्थित नवाल्ट सोलर एंड इलेक्ट्रिक बोट्स प्राइवेट लिमिटेड को तीन आधुनिक क्रूज के निर्माण का ऑर्डर दिया था। यह ऑर्डर एक अगस्त दो हजार बाइस को दिया गया था जिसकी कुल लागत पांच करोड़ छह लाख रुपये निर्धारित की गई थी।
एडवांस भुगतान के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
समझौते के तहत ऑर्डर की पुष्टि के लिए दो अगस्त दो हजार बाइस को एक करोड़ बावन लाख अस्सी हजार रुपये अग्रिम भुगतान के रूप में दिए गए। अनुबंध के अनुसार दो क्रूज सात महीने के भीतर यानी दो मार्च दो हजार तेइस तक तैयार होकर सौंपे जाने थे। लेकिन आरोप है कि तय समयसीमा बीत जाने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई भी क्रूज तैयार नहीं किया गया और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
अतिरिक्त धन की मांग और टलती रही समयसीमा
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब भी निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी गई तो कंपनी की ओर से अलग अलग कारण बताकर अतिरिक्त खर्च के नाम पर और धन की मांग की जाती रही। इस दौरान अयोध्या में अस्थायी शिपयार्ड स्थापित करने के नाम पर भी बीस लाख रुपये लिए गए। दस्तावेजों के अनुसार सत्ताईस दिसंबर दो हजार तेइस तक कुल चार करोड़ तीन लाख बहत्तर हजार नब्बे रुपये कंपनी को दिए जा चुके थे लेकिन इसके बावजूद परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी।
लंबे इंतजार के बाद दर्ज कराया मुकदमा
करीब साढ़े तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जब न तो क्रूज तैयार हुए और न ही धन वापसी की कोई ठोस पहल सामने आई तब विवेक मालवीय ने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया। लंका थाने में दर्ज मुकदमे में कंपनी के निदेशक संदिध थनदाशेरी और रमिथा मधु समेत संतोष कुमार कृष्णन अजय कुमार सी श्याम टीएस जोम मैथ्यू कार्तिक जीआर एलबी जय और जीतू हरिदास को नामजद किया गया है।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर वित्तीय लेनदेन अनुबंध की शर्तों और कंपनी की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पर्यटन उद्योग की विश्वसनीयता पर असर
यह मामला केवल एक कारोबारी विवाद तक सीमित नहीं है बल्कि गंगा में विकसित हो रही क्रूज पर्यटन परियोजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में इस प्रकार की घटनाएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं और भविष्य की परियोजनाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद निवेशकों और उद्यमियों के बीच चिंता का माहौल है। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं व्यापारिक वातावरण को प्रभावित करती हैं और नए निवेश के रास्ते में बाधा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में सच्चाई सामने आएगी तथा पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सकेगा।
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