काशी के गंगा घाटों पर सुरक्षा सख्त वाटर डिवाइडर ड्रोन निगरानी और बढ़ेगी जल पुलिस
वाराणसी: गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ नावों की संख्या और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। काशी के प्रमुख घाटों पर एक ओर जल यातायात को व्यवस्थित करने के लिए तीन किलोमीटर लंबा वाटर डिवाइडर बिछाने की तैयारी की जा रही है तो दूसरी ओर गंगा पार रेती क्षेत्र में पुलिस बूथ का निर्माण कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य घाटों पर बढ़ते दबाव के बीच संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर विशेष निगरानी
प्रशासन द्वारा दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नाविकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और इसके लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में सीधे प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। इससे घाटों पर नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट सख्ती देखने को मिल रही है।
गंगा आरती के बाद भी जारी रहती है गश्त
गंगा आरती समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं दी जा रही है। जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार गंगा में गश्त कर रही हैं। इसी क्रम में एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार स्वयं नाव पर सवार होकर निरीक्षण करते नजर आए। उन्होंने मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग कर नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों की पहचान की और बाद में संबंधित नावों को चिन्हित कर सीज करने की कार्रवाई कराई। दशाश्वमेध घाट पर तीन नावों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने अन्य नाविकों को भी सतर्क किया है।
जल लेन और वाटर डिवाइडर की योजना
नई योजना के तहत गंगा में अलग अलग जल लेन विकसित की जाएंगी जिससे नावों के आवागमन को सुव्यवस्थित किया जा सके। लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में फ्लोटिंग जेटी के माध्यम से वाटर डिवाइडर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए पहले मजबूत जाल बिछाया जाएगा और उसके ऊपर फ्लोटिंग जेटी लगाई जाएगी। पानी भरने के बाद इसका वजन करीब तीन सौ पचास किलोग्राम होगा जिससे यह स्थिर बना रहेगा। इस व्यवस्था की विशेषता यह है कि यदि कोई नाव इससे टकराती भी है तो बड़े हादसे की संभावना कम हो जाएगी।
जल पुलिस बल में बढ़ोतरी
गंगा में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए जल पुलिस बल को भी मजबूत किया जा रहा है। एसीपी अतुल अंजान के अनुसार इस माह जल पुलिस की संख्या पैंतालीस से बढ़ाकर एक सौ की जा रही है। इसके साथ ही तेज रफ्तार स्पीड बोट पहले से ही तैनात हैं जो लगातार गश्त कर रही हैं। इससे निगरानी और रेस्क्यू दोनों कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
पृष्ठभूमि में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चुनौती
गौरतलब है कि काशी के गंगा घाट देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। बढ़ती भीड़ और नावों की संख्या के कारण सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तकनीक और संसाधनों के समन्वय से यह नई रणनीति तैयार की है।
प्रशासन की इन पहलों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि गंगा घाटों पर आने वाले लोगों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
LATEST NEWS