वाराणसी: नाबालिग से छेड़छाड़ व मारपीट मामले में वांछित आरोपी अमित बिन्द गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में नाबालिग से छेड़छाड़ और गंभीर मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त गोमती जोन के निर्देशन में की गई, जिसमें आरोपी को मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया।
अंडरपास के पास से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को उप निरीक्षक अविनाश कुमार सिंह और उप निरीक्षक सत्य प्रकाश यादव अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मद्देनजर शांति व्यवस्था ड्यूटी के बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रखौना अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अभियुक्त अमित कुमार बिन्द पुत्र मुन्ना बिन्द, निवासी ग्राम नरायनपुर जमुआ बाजार थाना कछवां जनपद मिर्जापुर, उम्र करीब 18 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया।
नाबालिग के साथ की थी दरिंदगी
मामला 13 अप्रैल 2026 का है, जब वादी ने थाना मिर्जामुराद में सूचना दी कि उसकी नाबालिग भतीजी शौच के लिए गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे रोककर छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे अधमरी हालत में झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना मिर्जामुराद में मु0अ0सं0 103/2026 के तहत निम्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है:
- धारा 74 बीएनएस (छेड़छाड़ से संबंधित अपराध)
- धारा 110 बीएनएस (मारपीट/अन्य अपराध)
- धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट (नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न)
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पीड़िता और उसके परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आपराधिक इतिहास
अभियुक्त अमित कुमार बिन्द के आपराधिक इतिहास के संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले के अलावा किसी अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और सख्त कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
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