वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के गोमती जोन अंतर्गत थाना फूलपुर में पंजीकृत गंभीर आपराधिक मामले में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत पुलिस उपायुक्त गोमती जोन के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और थाना फूलपुर पुलिस द्वारा की गई सशक्त और निरंतर पैरवी के चलते अभियुक्त को कड़ी सजा दिलाई गई है।
दिनांक 31.01.2026 को माननीय विशेष पॉक्सो न्यायालय वाराणसी द्वितीय द्वारा थाना फूलपुर में पंजीकृत मुकदमा संख्या 600/2016 से संबंधित अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ गुड्डु पुत्र यूनुस अंसारी निवासी ग्राम सोनेखान सरैया थाना फूलपुर वाराणसी को दोषसिद्ध ठहराया गया। अभियुक्त पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366क, 376, 498ए, 304बी, 120बी तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत आरोप सिद्ध पाए गए।
न्यायालय द्वारा सुनाए गए निर्णय के अनुसार अभियुक्त को अलग अलग धाराओं में कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा दी गई। धारा 363 भादवि के अंतर्गत अभियुक्त को 07 वर्ष का कठोर कारावास और 5000 रुपये का अर्थदंड दिया गया। धारा 366क भादवि के तहत 08 वर्ष का कठोर कारावास और 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं पॉक्सो अधिनियम की धारा 3 और 4 के अंतर्गत अभियुक्त को 07 वर्ष का कठोर कारावास और 10000 रुपये का अर्थदंड से दंडित किया गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो प्रत्येक धारा में उसे 01 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस प्रकार कुल मिलाकर अभियुक्त को प्रभावी रूप से लंबी अवधि के कठोर कारावास की सजा सुनिश्चित की गई है।
उक्त मुकदमे में नामजद सह अभियुक्त यूनुस अंसारी को माननीय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के अभाव में सभी धाराओं से दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय के इस निर्णय को महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य केवल अभियोग पंजीकरण तक सीमित नहीं है बल्कि दोषियों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय दिलाना है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और नाबालिकों से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में अभियोजन को और मजबूत किया जाएगा ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
