मामूली विवाद में दरोगा पर दबंगई का आरोप, जमानत कराने पर युवक की पिटाई
वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में मामूली विवाद के मामले में पहुंचे एक दरोगा पर दबंगई दिखाने का आरोप लगा है। आरोप है कि कोर्ट से जमानत कराने पर नाराज दरोगा ने दिलशाद नामक युवक को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, गालियां दीं और धमकाया।
दरोगा पर 25 हजार रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुराने विवाद के मामले में उप निरीक्षक विवेक सिंह लगातार 25 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न देने पर फर्जी तरीके से जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। बताया जा रहा है कि युवक ने जब अदालत में सरेंडर कर जमानत करा ली तो दरोगा नाराज हो गए।
जमानत के बाद गांव में हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर 2025 को कुड़ी गांव में क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस मामले में शहबाज पुत्र एखलाक की तहरीर पर रियाजुद्दीन, ताजुद्दीन, इरफान, नूरएन और अजमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष की सुनवाई नहीं की गई और घायलों की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि पुलिस के दबाव के चलते रियाजुद्दीन ने 27 फरवरी को स्वयं न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने मामले को पेशबंदी मानते हुए जमानत दे दी। कोर्ट का आदेश लेकर जब पैरोकार थाने पहुंचा तो दरोगा को इसकी जानकारी हुई।
बीच सड़क पर की पिटाई
रविवार शाम करीब छह बजे दरोगा ने रियाजुद्दीन को बुलवाया और जमानत कराने को लेकर हड़काया। इस दौरान रियाजुद्दीन के भाई दिलशाद से कहासुनी हो गई। आरोप है कि दरोगा ने दिलशाद को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कई थप्पड़ मारे। दिलशाद बार-बार अपनी बेगुनाही की बात कहता रहा, लेकिन मारपीट जारी रही।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि दरोगा ने गालियां देते हुए जेल भेजने की धमकी भी दी। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी का बयान
इस संबंध में पूछे जाने पर थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि मामला पुराना है और इसकी जांच की जाएगी।
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