वाराणसी: देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल शहीद की धर्मपत्नी के साथ हुई चोरी की घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूर्व सैनिक समुदाय के बीच भी गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। थाना लालपुर क्षेत्र में 22 जनवरी 2026 को शहीद की पत्नी वीर नारी चंचला सिंह के आवास में हुई चोरी के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने आजमगढ़ और चंदौली जनपद के रहने वाले आरोपित चोरों को गिरफ्तार कर लिया है और कुछ सामान की बरामदगी भी की गई है, लेकिन घर से चोरी हुए बहुमूल्य सोने और चांदी के अधिकांश आभूषण अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। यही बात पीड़ित परिवार और पूर्व सैनिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
घटना के बाद से ही वीर नारी चंचला सिंह न्याय की आस लगाए प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही थीं। पुलिस की कार्रवाई आंशिक रूप से सामने आने के बाद इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया। सोमवार को संगठन के सदस्य और पदाधिकारी वाराणसी के कमिश्नर से मिले और उन्हें एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की। संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं है, बल्कि एक वीर नारी के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा विषय है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने कमिश्नर को अवगत कराया कि अब तक की बरामदगी अधूरी है और शेष कीमती सामान की खोज के लिए और अधिक गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही संगठन ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कार्यालय स्तर से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, ताकि एक शहीद परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में कोई ढिलाई न बरती जाए। पूर्व सैनिकों का कहना है कि जिन परिवारों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है।
कमिश्नर महोदय ने मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए संगठन को आश्वासन दिया कि शेष चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए संबंधित थाना को दोबारा गहन जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद संगठन को कुछ हद तक संतोष मिला, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखेंगे।
इस मौके पर इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन की ओर से जिला उपाध्यक्ष ए के पाण्डेय, मंडल उपाध्यक्ष परमजीत सिंह, अरविंद कुमार कुशवाहा और राधेश्याम यादव उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कार्रवाई नहीं होती है और वीर नारी को उसका पूरा हक नहीं मिलता है, तो सभी भूतपूर्व सैनिक एकजुट होकर आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि देश के हर उस सैनिक और उसके परिजन के सम्मान की है, जिसने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है।
