मीरजापुर जनपद के विख्यात तीर्थ स्थल विंध्याचल में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांप्रदायिक सद्भाव का भी मजबूत संदेश दिया। यहां कई मुस्लिम महिलाएं पहुंचीं और श्रद्धा के साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया। महिलाओं ने न सिर्फ विधिवत दर्शन किए, बल्कि मंदिर के ऊपर स्थित गुंबद की परिक्रमा भी की और मां से अपने बेहतर भविष्य के लिए आशीर्वाद मांगा।
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य भावुक कर देने वाला था। महिलाओं ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की, लेकिन उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर विंध्याचल धाम से जुड़ी व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की आस्था और यहां के सकारात्मक वातावरण को देखकर प्रभावित हुई थीं। उन्हीं तस्वीरों और वीडियो ने उन्हें इस पवित्र स्थल तक आने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के प्रति उनकी आस्था किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि आस्था इंसान को जोड़ती है और हर धर्म प्रेम, शांति और विश्वास का संदेश देता है। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की भी खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं के लिए यहां सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
दर्शन पूजन के दौरान महिलाओं ने मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं के साथ शांतिपूर्वक पूजा अर्चना की। उन्होंने मां से अपने परिवार, बच्चों और समाज के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। महिलाओं का कहना था कि मां के दरबार में आकर उन्हें एक अलग तरह की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
महिलाओं ने यह भी बताया कि विंध्याचल धाम के बारे में वे पहले से जानती थीं, लेकिन जब हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यहां की धार्मिक गतिविधियां, श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की व्यवस्थाएं देखीं, तो उनके मन में यहां आने की इच्छा और प्रबल हो गई। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उनके मन में यह विश्वास और मजबूत किया है कि धार्मिक स्थल इंसानों को जोड़ने का काम करते हैं, न कि बांटने का।
मंदिर दर्शन के बाद महिलाओं ने दोबारा विंध्याचल आने की इच्छा भी जताई। उनका कहना था कि भविष्य में वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों और परिचितों को भी यहां लाना चाहेंगी, ताकि वे भी मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सकें। उनके अनुसार, इस तरह के अनुभव समाज में आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने भी इस घटना को सकारात्मक नजरिए से देखा। उनका कहना है कि विंध्याचल धाम हमेशा से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए आस्था का केंद्र रहा है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु मां के दरबार में समान भाव से सिर झुकाता है।
कुल मिलाकर, मुस्लिम महिलाओं का मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल पहुंचना न सिर्फ व्यक्तिगत आस्था का विषय है, बल्कि यह समाज को एकता, सौहार्द और आपसी सम्मान का मजबूत संदेश भी देता है। ऐसे दृश्य यह साबित करते हैं कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती और विश्वास इंसान को इंसान से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है।
