मथुरा में 30 लाख की डकैती के आरोपियों का पुलिस मुठभेड़ में अंत
मथुरा: सुरीर थाना क्षेत्र में कारोबारी के घर हुई करीब 30 लाख रुपये की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस चर्चित वारदात में शामिल बताए जा रहे बावरिया गिरोह के दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र के रहने वाले थे और लंबे समय से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय थे। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दावा किया है कि डकैती की इस बड़ी वारदात से जुड़े अहम सुराग अब उनके हाथ लग चुके हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि डकैती की घटना में शामिल कुछ बदमाश इलाके में देखे गए हैं। सूचना मिलते ही सुरीर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में दो बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति खतरे से बाहर है।
धर्मवीर उर्फ लंबू समेत दो बदमाशों की पहचान
एसएसपी ने बताया कि मारे गए आरोपियों में धर्मवीर उर्फ लंबू शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार धर्मवीर पर डकैती, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। उसके खिलाफ राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में करीब 16 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कई राज्यों की एजेंसियां भी उसकी तलाश कर रही थीं। दूसरे आरोपी की पहचान को लेकर भी पुलिस रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
23 अप्रैल की डकैती से दहल गया था टैंटी गांव
गौरतलब है कि 23 अप्रैल की रात सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटी गांव में कारोबारी अजय अग्रवाल के घर हुई डकैती ने पूरे इलाके को दहला दिया था। देर रात हथियारबंद बदमाश घर में घुस आए थे और परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार बदमाशों ने गन पॉइंट पर अलमारी और तिजोरी की चाबियां छीन ली थीं। इसके बाद नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान समेत करीब 30 लाख रुपये की संपत्ति लूटकर फरार हो गए थे। घटना के दौरान आरोपियों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी निकाल ली थी ताकि उनकी पहचान न हो सके। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था।
500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
घटना के बाद पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित की थीं। अधिकारियों के अनुसार वारदात से जुड़े सुराग जुटाने के लिए आसपास के क्षेत्रों के 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से पुलिस को बावरिया गिरोह की संलिप्तता के संकेत मिले थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में संगठित डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।
गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी
हालांकि पुलिस ने अभी तक पूरे गिरोह के नेटवर्क और अन्य फरार आरोपियों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डकैती की योजना कहां बनाई गई थी और क्या स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति ने गिरोह की मदद की थी। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल हथियारों और लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर भी कार्रवाई जारी है।
व्यापारी संगठनों ने की कार्रवाई की सराहना
मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। व्यापारी संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि डकैती की घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल था और पुलिस कार्रवाई से लोगों में कुछ राहत महसूस की जा रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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