वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम मार्ग पर महिला और हेड कॉन्स्टेबल के बीच मारपीट का वीडियो वायरल, आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित
वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम मार्ग के समीप मंगलवार रात एक ऐसा विवाद सामने आया जिसने देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया और बाद में शहरभर में चर्चा का विषय बन गया। ड्यूटी पर तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल और पूजा सामग्री बेचने वाली महिला के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में मारपीट तक पहुंच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और लोगों के बीच तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन भी तत्काल सक्रिय हुआ और मामले की जांच शुरू कर दी गई। जांच के बाद आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है।
रात में दुकान हटाने के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार रात लगभग साढ़े दस बजे की बताई जा रही है। घटना स्थल विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार से लगभग पचास मीटर दूर फूलमंडी क्षेत्र के पास का बताया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राधेश्याम यादव क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे थे। उसी दौरान इलाके में सड़क किनारे लगी दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
बताया गया कि सत्यनारायण मंदिर के बाहर फूल माला और पूजा सामग्री की दुकान लगाने वाली महिला पूजा और हेड कॉन्स्टेबल के बीच दुकान हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बहस हुई लेकिन धीरे धीरे स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल अचानक गर्म हो गया।
बहस से बढ़ा विवाद और फिर शुरू हुई हाथापाई
स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद के दौरान हेड कॉन्स्टेबल कथित रूप से महिला की दुकान का सामान उठाकर सड़क पर फेंकने लगे। इस बात से महिला नाराज हो गई और उसने विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला ने पास में रखी लाठी उठाई और विरोध जताते हुए पुलिसकर्मी पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद घटनास्थल का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल ने महिला के हाथ से लाठी छीन ली जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी महिला के बाल पकड़कर उसे जमीन पर गिराते दिखाई दे रहे हैं। वहीं महिला भी लगातार विरोध करती और दोबारा हमला करने की कोशिश करती नजर आ रही है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कई लोग घटना को देखते रहे। बाद में स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को शांत कराया गया।
कई वर्षों से क्षेत्र में दुकान चला रही है महिला
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित महिला कई वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के आसपास फूल माला और पूजा सामग्री बेचने का कार्य कर रही है। पहले वह चौक क्षेत्र के सामने दुकान लगाती थी लेकिन वहां से हटाए जाने के बाद बीते कुछ समय से सत्यनारायण मंदिर के नीचे दुकान लगाने लगी थी। इसी दौरान यह विवाद सामने आया जिसने बाद में बड़ा रूप ले लिया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने लिया संज्ञान
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। मामले की जांच डीसीपी काशी गौरव बंसवाल के निर्देश पर कराई गई। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने के बाद पीएसी सेनानायक की ओर से कार्रवाई की गई और आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राधेश्याम यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों महत्वपूर्ण हैं और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले में मंदिर प्रशासन की ओर से भी आधिकारिक पक्ष सामने आया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को कुछ लोग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर अथवा धाम क्षेत्र की घटना बताकर प्रसारित कर रहे हैं जबकि यह दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि घटना न तो मंदिर परिसर के भीतर हुई है और न ही आधिकारिक धाम क्षेत्र के अंदर की है।
मंदिर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा न करें। साथ ही यह भी कहा गया कि गलत और भ्रम फैलाने वाली जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
घटना ने कई सवाल भी खड़े किए
यह घटना एक बार फिर भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और संवेदनशील परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे कर्मियों के व्यवहार को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। धार्मिक और अत्यधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में छोटी घटनाएं भी तेजी से बड़ा रूप ले सकती हैं। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई और संवाद दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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