जौनपुर दूल्हा हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक लाख का इनामी रवि यादव मुठभेड़ में ढेर, कई जिलों तक चला था तलाश अभियान
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक मई को हुए चर्चित दूल्हा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल और एक लाख रुपये के इनामी रवि यादव को सोमवार तड़के पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में मार गिराया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश कई जिलों और राज्यों तक फैली हुई थी। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस कार्रवाई को जौनपुर पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि दूल्हा हत्याकांड के बाद से पूरे जिले में भारी आक्रोश का माहौल था और पुलिस पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ साथ विशेष टीमें भी लगातार सक्रिय थीं और फरार आरोपियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा था।
एक सूचना ने बदल दिया पूरे अभियान का रुख
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रवि यादव की तलाश में कई टीमें लगातार जुटी हुई थीं। पुलिस के साथ एसटीएफ और एसओजी की टीम भी अलग अलग स्तर पर इनपुट एकत्र कर रही थी। सोमवार तड़के मिली एक महत्वपूर्ण सूचना ने पूरे अभियान को निर्णायक मोड़ दे दिया। जानकारी मिली कि रवि यादव खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने खुद को चारों ओर से घिरा हुआ पाया। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक शुरू हुई गोलीबारी के बाद पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान रवि यादव को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी हुए घायल
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम भी हमले की चपेट में आई। लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। घायल होने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के सदस्य प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। सुरक्षा जैकेट होने के कारण दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए और बड़ा हादसा टल गया।
अधिकारियों का कहना है कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं और पुलिस टीम को अत्यधिक सतर्कता के साथ कार्रवाई करनी पड़ी। यदि बुलेटप्रूफ सुरक्षा उपकरण मौजूद न होते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
लगातार बदल रहा था ठिकाना, कई राज्यों तक पहुंची थी तलाश
पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग अलग स्थानों पर छिप रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह कई राज्यों की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी वजह से पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत नेपाल सीमा तक लगातार दबिश दे रही थीं।
फरार आरोपियों की तलाश के लिए करीब दस टीमें अलग अलग स्थानों पर काम कर रही थीं। पुलिस के अनुसार लगातार दबाव और तकनीकी निगरानी के चलते आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
शादी की खुशियां मातम में बदल गई थीं
दरअसल पूरा मामला एक मई का है जब 25 वर्षीय आजाद बिंद अपनी शादी के लिए बारात लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला कर गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शादी के दिन हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। जहां एक ओर परिवार में शादी की खुशियां थीं वहीं दूसरी ओर अचानक हुई इस घटना ने माहौल को मातम में बदल दिया था।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग तेज हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भी तत्काल कई टीमें गठित कर जांच और गिरफ्तारी अभियान शुरू कर दिया था।
अब बाकी दो इनामी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों को मुख्य आरोपी बनाया था। इनमें प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर एक एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अब रवि यादव के मारे जाने के बाद पुलिस का पूरा ध्यान फरार चल रहे प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी पर है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान लगातार जारी है और बाकी आरोपियों को भी जल्द कानून के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में हुई यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है।
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